उच्च न्यायालय ने पूजा के बहाने एक महिला को अनुचित तरीके से छूने के मामले में आरोपी ज्योतिषी अरुण कुमार उर्फ सूज शास्त्री को जमानत देने से इनकार कर दिया है। आरोप यह भी है कि इसी दौरान पूजा के दौरान मानव बलि करने के बहाने कथित तौर पर उसे चाकू मार कर घायल कर दिया।
न्यायमूर्ति योगेश खन्ना ने अपने फैसले में कहा कि पेश तथ्यों व साक्ष्यों को देखते हुए आरोपी को जमानत देने का कोई आधार नहीं है। अदालत ने कहा कि महिला का बयान दर्ज होने के बाद आरोपी आवेदन दायर करने के लिए स्वतंत्र है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार पीड़ित महिला ने आरोप लगाया कि आरोपी ने उससे मां के स्वास्थ्य में सुधार और उसकी निजी समस्याओं के समाधान के लिए भी डेढ़ लाख रुपये की धोखाधड़ी की। महिला ने कहा कि आरोपी करीब डेढ़ वर्ष से पूजा के नाम पर ढोंग कर पैसे लूटता रहा।
आरोपी ने उसे 4 मई, 2018 को मानसरोसर गार्डन स्थित जागीर प्लेस होटल में पूजा के नाम पर बुलाया व करीब तीन घंटे तक पूजा करता रहा। इसके बाद आरोपी ने उससे छेड़छाड़ शुरु कर दी और विरोध करने पर चाकू निकाल लिया।
महिला ने भागने का प्रयास किया तो आरोपी ने उसे पकड़ लिया व वाशरुम में ले गया चाकू मारकर बुरी तरह से घायल कर दिया और भाग गया। होटल के स्टॉफ ने पुलिस को सूचना दी तो महिला को अस्पताल ले जाया गया जहां उस पर चाकू की चोट के सात निशान पाए गए ।
जमानत पर आपत्ति जताते हुए सरकारी वकील एमएस ओबेरॉय ने अदालत को बताया कि आरोपी संभवत मानव बलि करने की कोशिश कर रहा था। यही कारण है कि महिला को कुल सात चोटें आईं, जिनमें उसकी गर्दन पर तीन शामिल हैं। अभी मामले में पीड़ित महिला के बयान होने है।