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Doctor On Strike: अस्पताल से निकल सड़क तक पहुंचे ‘डॉक्टर’, विरोध भी हुआ तेज

Wed, 08 Dec 2021 05:49 PM IST
अनुराग सक्सेना अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

सफदरजंग अस्पताल में हड़ताल कर रहे डॉ. मानेक ने कहा कि यह हड़ताल नीट-पीजी काउंसलिंग को जल्द से जल्द कराने के लिए है। पीजी बैच के सत्र की शुरुआत में देरी के कारण डॉक्टरों की बहुत कमी है। कोर्ट में अगली सुनवाई छह जनवरी को है।
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सफदजंग अस्पताल में प्रदर्शन करते डॉक्टर - फोटो : ANI
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विस्तार
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नीट पीजी काउंसलिंग में देरी के खिलाफ डॉक्टरों का विरोध अब और अधिक बढ़ गया है। बुधवार को हड़ताल के 12वें दिन डॉक्टर अस्पताल से निकल सड़क तक पहुंच चुके हैं और अलग अलग क्षेत्रों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो चुके हैं।

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सुबह मध्य दिल्ली के कनॉट प्लेस और शाहदरा जिले में डॉक्टरों ने रैलियां निकालीं। इस दौरान डॉक्टरों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और काउंसलिंग न होने तक हड़ताल जारी रखने की घोषणा भी की। बहरहाल डॉक्टरों की हड़ताल की वजह से दिल्ली में स्वास्थ्य व्यवस्था काफी प्रभावित हो रही है। लगभग सभी बड़े अस्पतालों में मरीजों को ओपीडी और आपातकालीन चिकित्सा को लेकर दिक्कतें आ रही हैं। 

बुधवार सुबह लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज के रेजीडेंट डॉक्टरों ने गेट नंबर पांच से विरोध प्रदर्शन शुरू किया और कुछ ही देर में तीन हजार से अधिक डॉक्टर एकत्रित होकर कनॉट प्लेस तक पहुंचे। यहां शिवाजी स्टेडियम के पास डॉक्टरों ने काफी देर प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कनॉट प्लेस से गोल मार्केट होते हुए वापस यह अस्पताल पहुंचे। लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में पिछले 12 दिन से हड़ताल चल रही है। वहीं बीते सोमवार से यहां आपातकालीन सेवाएं भी बंद हैं।

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वहीं दूसरी ओर यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंस (यूसीएमएस) के डॉक्टरों ने भी इसी मुद्दे को लेकर शाहदरा जिला आयुक्त कार्यालय तक विरोध रैली निकाली। यहां रास्ते में अलग अलग चौराहों पर डॉक्टरों ने प्रदर्शन करते हुए सरकार के खिलाफ गुस्सा जाहिर किया। इसके बाद उन्होंने जिला आयुक्त को ज्ञापन सौंपते हुए नीट काउंसलिंग जल्द से जल्द कराने की मांग की है।

इस दौरान डॉक्टरों ने कहा कि जब तक काउंसलिंग की तारीख घोषित नहीं होगी तब तक हड़ताल जारी रहेगी। यह सभी डॉक्टर जीटीबी अस्पताल में कार्यरत हैं। यहां हड़ताल का आंशिक असर देखने को मिल रहा है लेकिन चर्चा है कि अगले एक से दो दिन में यहां भी पूरी तरह से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।

डॉक्टरों पर बना रहे हैं दबाव

सफदरजंग की रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के महासचिव डॉ. अनुज अग्रवाल ने बताया कि डॉक्टरों की हड़ताल के बावजूद भी सरकार उनकी मांग पूरी नहीं कर रही है। जब तक काउंसलिंग को लेकर सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। वहीं आरएमएल अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टर मनीष कुमार का कहना है कि हड़ताल खत्म करने के लिए प्रशासन की ओर से दबाव बनाया जा रहा है, लेकिन डॉक्टर अपने निर्णय पर कायम हैं। मांग पूरी होने तक वह काम पर नहीं लौटेंगे।

एम्स का समर्थन भी जारी 

इनके अलावा एम्स के रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने भी हड़ताल का समर्थन किया है। अस्पताल की रेजिडेंट एसोसिएसन का कहना है कि इस समय देश में करीब 42 हजार एमबीबीएस डॉक्टर नीट पीजी काउंसलिंग का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन काउंसलिंग न होने से अस्पतालों में डॉक्टरों की भारी कमी हो गई है। इससे मौजूदा डॉक्टरों पर काम का काफी दबाव है।
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कोरोना महामारी में केवल एक पीजी बैच ने संभाली कमान

सफदरजंग अस्पताल के डॉ. मानेक का कहना है कि इस समय कोरोना महामारी, डेंगू, मौसमी बीमारियां और गैर कोविड मरीजों की संख्या से अस्पताल भरे हुए हैं। हर कोई इसके बारे में जानता है कि इस समय सरकारी अस्पताल में इलाज कितना चुनौती भरा है। हमारे पास स्टाफ की कमी है। केवल एक पीजी बैच है जो कोरोना की दूसरी लहर से अब तक बिना किसी रुकावट के रात दिन काम करता आया है। अब काउंसलिंग के बाद ही नया बैच आएगा तब तक का इंतजार और स्टाफ की कमी कब तक बर्दास्त की जा सकती है।
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