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अमर उजाला स्वास्थ्य अभियान : मम्मी नहीं रहीं...पापा टीके से डरते थे, फिर मैं ले गई केंद्र, पिंक बूथ पर पहुंची छात्रा ने लोगों से की मार्मिक अपील

Sat, 26 Mar 2022 11:56 AM IST
सुशील कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

टीकाकरण के प्रति यह उत्साह और विश्वास लड़कियों के साथ-साथ लड़कों में भी देखने को मिल रहा है। यही वजह है कि दिल्ली में 12 से 14 वर्ष का हर चौथा बच्चा बीते आठ दिन में पहली खुराक हासिल कर चुका है। दिल्ली सरकार से मिली जानकारी के अनुसार, 16 मार्च से राजधानी में 12 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों को कोर्बेवैक्स नामक टीका लगाया जा रहा है।
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किशोरी को टीका लगाती स्वास्थ्यकर्मी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गुरुवार सुबह 10 बजे, दिल्ली के सुभाष नगर स्थित सर्वोदय विद्यालय में बच्चों की लंबी लाइन लगी थी। यहां 12 से 14 साल की बच्चियों के लिए पिंक बूथ बनाया गया है। वहीं, इसी आयु के लड़कों के लिए अलग से एक टीकाकरण केंद्र बना है। दोनों केंद्रों के बाहर बच्चों में टीकाकरण के प्रति उत्साह साफ नजर आया। पिंक बूथ के बाहर बैठीं 13 वर्षीय टीना ने बताया कि वह आठवीं कक्षा की छात्रा है और काफी समय से टीके का इंतजार कर रही थी।

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टीना बोलीं...‘सर, मैं बहुत खुश हूं। मेरे साथ क्लास की सभी लड़कियां भी टीका लगवाने आई हैं। हमने होली के बाद एक साथ वैक्सीन लगवाने की योजना बनाई थी। इसलिए यहां आपको मेरे इतने दोस्त दिखाई दे रहे हैं।’ उसकी दोस्त बबीता बताती है...‘वह स्कूल के नजदीक ही रहती है। बीते वर्ष कोविड के चलते मेरी मां की मौत हो गई थी। अब घर में पिता और मैं हूं। पापा टीका लेने से पहले काफी डर रहे थे, लेकिन मैंने उनका काफी सपोर्ट किया। मैं उनके साथ गई थी। इसलिए मुझे पूरी प्रोसेस के बारे में पता था। मैं भी टीका लेने का इंतजार कर रही थी। सर, यह बहुत बुरी बीमारी है। कोई साथ नहीं देता है। मैं सभी से अपील करती हूं कि हर किसी को टीकाकरण कराना चाहिए। मैंने अपनी मम्मी को खो दिया, किसी और के साथ ऐसा न हो पाए।’

टीकाकरण के प्रति यह उत्साह और विश्वास लड़कियों के साथ-साथ लड़कों में भी देखने को मिल रहा है। यही वजह है कि दिल्ली में 12 से 14 वर्ष का हर चौथा बच्चा बीते आठ दिन में पहली खुराक हासिल कर चुका है। दिल्ली सरकार से मिली जानकारी के अनुसार, 16 मार्च से राजधानी में 12 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों को कोर्बेवैक्स नामक टीका लगाया जा रहा है। इसकी दो खुराक 28 दिन के अंतराल में लेनी जरूरी है। इस वर्ग की कुल आबादी छह लाख है, जिसमें से अब तक 1.58 लाख बच्चे पहली खुराक ले चुके हैं।
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स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, होली के बाद बच्चों के टीकाकरण में काफी उछाल देखने को मिला है। 16 मार्च को पहले दिन 3800 बच्चों ने खुराक ली थी, लेकिन 21 मार्च को यह संख्या 20 हजार से अधिक पहुंच गई। विभाग का कहना है कि अगर इसी तेजी से टीकाकरण चलता रहा तो अगले दो महीने के भीतर सभी बच्चों का टीकाकरण पूरा हो जाएगा।

इतने टीकाकरण केंद्र
दिल्ली के 11 में से 10 जिलों में 12 से 14 वर्ष की आयु के टीकाकरण केंद्र अलग से बने हैं। मध्य दिल्ली में सात, पूर्वी में 18, नई दिल्ली में 43, उत्तरी में 11, उत्तर पश्चिम में 30, शाहदरा में 23, दक्षिणी में 25, दक्षिण पूर्वी में 21, दक्षिण पश्चिम में 20 और पश्चिम दिल्ली में 85 केंद्र बनाए गए हैं। इन्हीं जिलों में पांच से छह पिंक टीकाकरण केंद्र भी बने हैं। कोविन वेबसाइट पर उत्तर पूर्वी जिले में एक भी केंद्र उपलब्ध नहीं है। विभाग के अनुसार, सरकारी अस्पताल और स्कूलों में ही इन बच्चों का टीकाकरण किया जा रहा है।

अभिभावकों का जागरूक होना जरूरी
भले ही छोटे बच्चों में कोरोना का जोखिम सबसे कम है, लेकिन कुछ आयु वर्ग से जुड़े बच्चों में बड़ों की तरह जोखिम बना हुआ है। इसी आयु के बच्चों का वर्तमान में टीकाकरण चल रहा है। इसलिए सभी अभिभावकों को यह जानना जरूरी है कि टीकाकरण के जरिए बच्चों को संक्रमण से बचाया जा सकता है। जिन बच्चों को पहले से कोई बीमारी है उनके लिए यह और भी अधिक सुरक्षा कवच हो सकता है। - डॉ. जुगल किशोर, सफदरजंग अस्पताल
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कोरोना टीकाकरण की आयुवार स्थिति
उम्र (वर्ष में) कुल टीकाकरण
12-14 1,58,977
15-17 16,72,383
18-44 2,09,86,081
45-60 62,43,464
60 से ऊपर 31,10,238
कुल टीकाकरण 3,21,71,143
पहली खुराक 1,75,25,887
दूसरी खुराक 1,41,75,410
एहतियाती खुराक 4,69,846

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