जम्मू-कश्मीर में अक्तूबर 2021 से लेकर जनवरी 2022 तक 50 लाख 33 हजार 966 घरेलू पर्यटक पहुंचे हैं। महामारी में जब पर्यटन क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित हुआ था, ऐसे में जम्मू-कश्मीर में पर्यटकों ने पिछले सारे रिकार्ड तोड़ दिये हैं। जून तक पूरे होटल, होम स्टे, शिकारा आदि की बुकिंग फुल हैं। ऐसे में उम्मीद है कि जून तक यह आंकड़ा एक करोड़ पार कर जाएगा।
मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक, सरकार की कोशिश है कि जम्मू-कश्मीर आने वाले पर्यटकों को कारगिल वार-मेेमोरियल से भी जोड़ा जाए। देश जब आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है तो युवाओं को पता होना चाहिए कि कारगिल युद्ध में कितने वीरों ने अपनी जान देश के लिए न्यौछावर की है। जोजिला दर्रा पर बनने वाली टनल इसमें सबसे बड़ी सहायक होगी। टनल के दोनों ओर मंत्रालय पर्यटक जानकारी केंद्र खोलेगा। युवा कारगिल आने के दौरान वार -ममोरियल जाकर शहीदों को श्रद्धाजंलि दे सकेंगे।
श्रीनगर में पहले नाइट लैंडिंग ( रात की फ्लाइट) नहीं होती थी। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने पिछले साल इसकी शुरुआत की। इससे पर्यटक अब देश के किसी भी कोने से कभी भी आ- जा सकते है। श्रीनगर से हर हफ्ते 512 फ्लाइट आती-जाती है। लेह के लिए यह आंकड़ा 162 फ्लाइट का है। बंगलूरू से श्रीनगर के लिए सीधी फ्लाइट शुरू होने से दक्षिण भारत का पर्यटक भी सीधे आ रहा है। आने वाले दिनों में इसमें बढ़ोतरी होगी।- रूपदिंर बरार, अतिरिक्त महानिदेशक, पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार।