14 तक खुले रहेंगे निजामुद्दीन मरकज के कुछ हिस्से
उच्च न्यायालय ने सोमवार को निजामुद्दीन मरकज के कुछ और हिस्सों को खोलने की अनुमति प्रदान कर दी। यह सभी हिस्से मार्च 2020 में तब्लीगी जमात के लोगों के कोविड-19 महामारी के बीच आयोजित सभा के बाद से बंद हैं। अदालत ने मरकज में सभी मंजिलों पर ईद के त्योहार के मद्देनजर नमाज अदा करने के लिए पहले से खोलने संबंधी आदेश की अवधि 14 अक्तूबर तक बढ़ा दी।
न्यायमूर्ति जसमीत सिंह ने दिल्ली वक्फ बोर्ड की याचिका के साथ रमजान और ईद के त्योहार के मद्देनजर मरकज परिसर के कुछ हिस्सों को फिर से खोलने पर पिछले महीने पारित अंतरिम आदेश को बढ़ा दिया। बोर्ड ने इस आधार पर परिसर को फिर से खोलने के निर्देश की मांग करते हुए याचिका दायर की थी कि अनलॉक -1 दिशा-निर्देशों के बाद भी धार्मिक स्थलों को खोलने की अनुमति दी गई थी, जिसमें मस्जिद चूड़ी वाली (मस्जिद), मदरसा काशिफ-उल-उलूम शामिल थे। परिसर में संलग्न छात्रावास को बंद करना जारी है।
अदालत ने एक अप्रैल को मस्जिद को रमजान के महीने के लिए खोलने की अनुमति देते हुए स्पष्ट किया था कि परिसर में कोई तब्लीगी गतिविधियां और व्याख्यान नहीं हो सकते हैं और केवल नमाज अदा की जा सकती है। अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि रमजान के लिए मस्जिद चूड़ी वाली में भूतल और चार मंजिलों पर नमाज और धार्मिक नमाज अदा करने की अनुमति दी जाए। यह व्यवस्था केवल रमजान के एक महीने के लिए है, जो ईद-उल-फितर के साथ समाप्त होगी। प्रत्येक मंजिल के प्रवेश द्वार निकास और सीढ़ियों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए भी एक निर्देश पारित किया गया था।
कोरोना प्रोटोकॉल का आदेश
अदालत ने एक मंजिल पर 100 व्यक्तियों की सीमा को हटाते हुए कहा था कि मस्जिद का प्रबंधन यह सुनिश्चित करेगा कि अकीदतमंदों को नमाज अदा करने के लिए मस्जिद में प्रवेश करने की अनुमति देते समय कोरोना प्रोटोकॉल का पालन किया जाएगा। केंद्र सरकार ने अपने हलफनामे में निजामुद्दीन मरकज को फिर से खोलने का विरोध करते हुए कहा था कि कुछ धार्मिक अवसरों पर केवल कुछ लोगों को ही नमाज अदा करने की अनुमति दी जा सकती है। 15 अप्रैल 2021 को कोर्ट ने रमजान के दौरान 50 लोगों को मरकज में दिन में पांच बार नमाज पढ़ने की इजाजत दी थी।