आईजीआई एयरपोर्ट थाना पुलिस ने पकड़ा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। आईजीआई एयरपोर्ट थाना पुलिस ने ब्रिटेन भेजने का झांसा देकर ठगी करने वाले एक एजेंट को पोरबंदर से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान भावेश बापोदरा के रूप में हुई है। तीन-चार साल ब्रिटेन में रहने के दौरान वह एजेंटों के संपर्क में आया, जो विदेश भेजने के नाम पर ठगी करते थे। भारत आने के बाद वह लोगों से ठगी करने लगा।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि 5 फरवरी को मेखी बीकू के नाम से पुर्तगाली पासपोर्ट के साथ एक यात्री बहरीन के रास्ते ब्रिटेन से भारत पहुंचा। इमिग्रेशन विभाग ने उसके यात्रा दस्तावेजों की जांच की तो पता चला कि यात्री का असली नाम गुरप्रीत सिंह है और वह गांव बग्गा, जालंधर, पंजाब का रहने वाला है। पुलिस ने फर्जीवाड़ा के आरोप में गुरप्रीत को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में गुरप्रीत ने बताया कि उसने एक एजेंट की मदद से 2018 में पुर्तगाली पासपोर्ट हासिल किया। पासपोर्ट मेखी बीकू के दस्तावेजों और आईडी पर हासिल किया गया था। पासपोर्ट में केवल उसके फोटो का इस्तेमाल किया गया था। पुलिस ने यात्री की निशानदेही पर मेरखी नाम के एजेंट को गुजरात से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में मेरखी ने बताया कि वह अमर पिंगले नाम के एक एजेंट के संपर्क में आकर 15 लाख रुपये में फर्जी पासपोर्ट बनवाया। आगे की जांच कर पुलिस ने अमर पिंगले को मुंबई से पकड़ लिया।
मेरखी ने पूछताछ में बताया कि वह 2022 में पोरबंदर निवासी भावेश बापोदरा के संपर्क में आया। भावेश ने उससे कहा कि प्रतिक्षा बावा नाम की महिला के साथ फर्जी विवाह प्रमाण पत्र बनवा कर उसके यूके वीजा की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया। सौदा 10 लाख में तय हुआ। भावेश ने यूके वीजा के लिए आवेदन किया, लेकिन यूके दूतावास यह कहते हुए उसे अस्वीकार कर दिया कि पहले से ही दो अन्य पुरुष प्रतिक्षा बावा के नाम से यूके का वीजा का आवेदन कर चुके हैं। उसके बाद पुलिस ने भावेश बापोदरा को पोरबंदर से गिरफ्तार कर लिया।