दिल्ली पुलिस अधिकारी मान रहे हैं कि आरोपी हत्या करने के बाद जम्मू चले गए। इसके बाद ये शव को ठिकाने लगाने के लिए दिल्ली आए थे। एयरपोर्ट जाकर पीड़ित परिवार को बताया था कि त्रिलोचन सिंह ने कनाड़ा की फ्लाइट पकड़ ली है और उनका मोबाइल दिल्ली में ही रह गया है।
जम्मू कश्मीर के नेशनल कॉफ्रेंस नेता त्रिलोचन सिंह की हत्या मामले में नया खुलासा सामने आया है। आरोपी हरप्रीत व हरमीत त्रिलोचन सिंह की हत्या करने के बाद जम्मू चले गए थे। कुछ दिन रूकने के बाद वह दिल्ली आ गए थे। इसके बाद आरोपियों को दिल्ली में मोबाइल बंद हो गया। आरोपी अपने परिजन व रिश्तेदार किसी से संपर्क नहीं कर रहे हैं। दिल्ली पुलिस की छह से ज्यादा टीमें जम्मू में व बाकी टीमें दिल्ली-एनसीआर में दबिश दे रही हैं।
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दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ऐसा लगता है कि आरोपियो ने त्रिलोचन सिंह की हत्या दो सितंबर को दी है। आरोपियों के मोबाइल सर्विलांस से खुलासा हुआ है कि आरोपी दो सितंबर को जम्मू चले गए थे। इसके बाद आरोपी आठ सितंबर को फिर से दिल्ली आ गए। इसके बाद ये आईजीआई एयरपोर्ट गए थे। एयरपोर्ट पर दोनों के मोबाइल नंबर बंद हो गए। इसके बाद से ही आरोपियों ने अपना मोबाइल खोला नहीं है। दोनों ने ही मोबाइल बंद रखे हुए हैं। आरोपियों की आखिरी लोकेशन आईजीआई एयरपोर्ट पर थी।
दिल्ली पुलिस अधिकारी मान रहे हैं कि आरोपी हत्या करने के बाद जम्मू चले गए। इसके बाद ये शव को ठिकाने लगाने के लिए दिल्ली आए थे। एयरपोर्ट जाकर पीड़ित परिवार को बताया था कि त्रिलोचन सिंह ने कनाड़ा की फ्लाइट पकड़ ली है और उनका मोबाइल दिल्ली में ही रह गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार इसके बाद से आरोपियों ने अपने मोबाइल बंद कर रखे हैं। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा समेत स्पेशल सेल, पश्चिमी जिले को स्पेशल स्टाफ समेत एक दर्जन से ज्यादा टीमें आरोपियों को पकड़ने में लगी हुई हैं। छह से ज्यादा टीमों ने जम्मू में ढेरा डाला हुआ है। दिल्ली पुलिस के सीनियर पुलिस अधिकारी इस केस में सीधे नजर रखे हुए हैं।