दिल्ली में नगर निगम चुनाव करीब आ रहे हैं और इसी के साथ राजनीति भी तेज होती जा रही है। आम आदमी पार्टी ने भाजपा पर 'दागी नेताओं' को नगर निगम में अहम जिम्मेदारी दिए जाने का हवाला देते हुए उस पर करारा हमला बोला है। पार्टी ने बुधवार को कहा कि भाजपा ने अधिकारियों को धमकाने वाले और सुप्रीम कोर्ट में बिना शर्त माफी मांगने वाले पार्षद मुकेश सुर्यान को साउथ एमसीडी का महापौर नियुक्त किया है। आम आदमी पार्टी ने भाजपा नेता इंद्रजीत सहरावत पर पिछले तीन सालों में संपत्ति इकट्ठा करने का भी आरोप लगाया। पार्टी ने कहा कि भाजपा इसी प्रकार भ्रष्ट नेताओं को आगे बढ़ा रही है। इसकी कीमत दिल्ली के आम आदमी को चुकानी पड़ रही है।
आम आदमी पार्टी नेता सौरभ भारद्वाज ने बुधवार को आईटीओ स्थित आम आदमी पार्टी मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके आरोप लगाया कि भाजपा ने भ्रष्ट नेताओं को नगर निगम में अहम जिम्मेदारियां दी हैं। उन्हें मेयर और स्टैंडिंग कमेटी का चीफ बनाया है। उन्होंने कहा कि इसकी कीमत आम आदमी को चुकानी पड़ती है और जनता यह कीमत अगले निगम चुनाव में भाजपा से वसूलेगी।
आप नेता ने कहा कि भाजपा को यह पता चल चुका है कि अगले चुनाव में उसकी वापसी नहीं हो रही है, यही कारण है कि अब वह दोनों हाथों से लूटने में जुट गई है। उन्होंने कहा कि तरह-तरह से टैक्स लगाकर जनता को परेशान किया जा रहा है। निविदाओं के साथ खिलवाड़ कर पैसा कमाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा को इस तरह की राजनीति से बाज आना चाहिए।
सौरभ भारद्वाज ने मीडिया को कुछ दस्तावेज दिखाते हुए कहा कि यह वे कागज हैं, जो इंद्रजीत सहरावत और उनकी पत्नी ने खुद अपने हलफनामे में 2017 के एमसीडी चुनाव के दौरान चुनाव आयोग को दिए थे। भारद्वाज ने कहा कि उस समय सहरावत दंपती के पास कुल मिलाकर 150 गज जमीन थी। लेकिन मात्र दो साल के अंदर इंद्रजीत सहरावत के पास कैश दोगुना और प्रॉपर्टी तीन गुनी हो गई है। भाजपा नेता को इस बात का जवाब देना चाहिए कि उनके पास केवल दो सालों में यह संपत्ति कहां से आई।