दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग ने क्लस्टर बस डिपो में चार्जिंग स्टेशनों और बैटरी स्वैपिंग की स्थापना के लिए कन्वर्जेंस एनर्जी सर्विसेज लिमिटेड (सीईएसएल) के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत की मौजूदगी में परिवहन विभाग के उपायुक्त विनोद कुमार यादव और ऊर्जा दक्षता सेवा लिमिटेड (ईईएसएल) के उप महाप्रबंधक एन. मोहन ने इस पर हस्ताक्षर किए।
समझौते के तहत कन्वर्जेंस एनर्जी सर्विसेज लिमिटेड (सीईएसएल) अपनी लागत और खर्च पर क्लस्टर बस डिपो के स्थान पर चार्जिंग इकाइयों, बुनियादी ढांचे की खरीद, स्थापना, संचालन और रखरखाव करेगी। जगह के उपयोग के लिए शुल्क का भुगतान सीईएसएल की ओर से दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) को प्रति माह एक रुपये प्रति किलोवाट की दर से किया जाएगा। अगर तीन ईसीएस (समतुल्य कार स्पेस) से अधिक स्थान की जरूरत है, तो प्रति ईसीएस प्रति माह 2000 रुपये अतिरिक्त शुल्क देना होगा। शुरुआती अनुबंध 10 वर्ष की होगा। एमओयू के तहत सीईएसएल तत्काल काम शुरू करेगा और चार महीनों में सभी स्टेशनों की स्थापना का काम पूरा हो जाएगा।
14 जगहों पर लगेंगे 84 चार्जिंग पॉइंट : रानी खेड़ा-एक, रानी खेड़ा-दो, रानी खेड़ा-तीन, राजघाट, दिलशाद गार्डन, सीमापुरी, बवाना सेक्टर-1, बवाना सेक्टर-5, कंझावला, कैर, ढिचाऊ कलां में डीटीसी क्लस्टर बस डिपो के परिसर में सार्वजनिक इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशनों और बैटरी स्वैपिंग स्टेशनों की स्थापना के लिए परिवहन विभाग और ईईएसएल द्वारा संयुक्त रूप से द्वारका सेक्टर-22, रेवला खानपुर और छतरपुर में जगह चिह्नित की गई हैं। 14 स्थानों में प्रत्येक में 6 चार्जिंग प्वाइंट होंगे। इनमें तीन प्वाइंट दो पहिया और तीन पहिया वाहनों के लिए होंगे।