मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति संजीव नरूला की पीठ के समक्ष पेश समाज कल्याण विभाग के वकील ने बताया कि कुल 102 ऐसे शौचालय बनाए गए हैं और 194 और निर्माणाधीन हैं। उन्होंने अदालत को बताया कि प्रयास किए जा रहे हैं और आगे की कार्रवाई तेजी से की जाएगी।
केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाली नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) के वकील ने पीठ को सूचित किया कि उसके अधिकार क्षेत्र के तहत ट्रांसजेंडर के लिए 12 शौचालय चालू हैं और 79 और शौचालयों के निर्माण के लिए निविदाएं प्रदान की गई हैं। इस क्षेत्र को आमतौर पर लुटियंस दिल्ली के रूप में जाना जाता है।