फोन करने वाले ने रोहित से कहा कि वह उसके अकाउंट में 45 हजार रुपये भेज रहा है। जिसमें से 40 हजार रुपये वह उसके जानकार को फोन पे के जरिए भेज दे। बाकी के 5 हजार रुपये बाद में ले लिए जाएंगे। उसने पहले 10 रुपये रोहित को भेजे और पुष्टि होने के बाद दो बार में 45 हजार रुपये भेजने के मैसेज भेजे। जिसके बाद रोहित ने दिए हुए नंबर पर 40 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। लेकिन रुपए भेजे जाने के बाद रोहित के अकाउंट में से 40 हजार रुपये कम हो गए तो उसने उसी नंबर पर फोन किया। लेकिन रोहित का फोन काट दिया गया। रोहित के समझ में आ गया कि उसके साथ ठगी हो गई है। पुलिस मामले में छानबीन कर रही है।
इस तरह फंसाते हैं ठग
ठग अब रिश्तेदार बनकर लोगों को अपना शिकार बनाते हैं। ज्यादातर मामलों में फोन के जरिए ही अपने शिकार को फंसाते हैं। जालसाज कई बार अपने शिकार को नकली दावों में फंसाकर किसी तरह की आपात स्थिति में फंसने का दावा करते हैं। साइबर ठग इस मामले में काफी चालाक होते हैं, ऐसे में वे लोगों से किसी को भी इस बारे में बताने से मना करते हैं। वहीं ठग इतने चालाक होते हैं कि लोगों को अपनी बातों में उलझाकर उनसे पर्सनल जानकारी जैसे बैंकिंग डिटेल हासिल कर लेते हैं।