पूछताछ में आरोपी ने बताया कि गीता के पति की करीब नौ माह पहले मृत्यु हो गई थी। जिसके बाद गीता के गांव के ही बिजेंद्र से अवैध संबंध हो गए थे। लेकिन गीता शातिर किस्म की महिला थी और उसने बिजेंद्र से संबंध बनाने के दौरान बिजेंद्र का वीडियो और फोटो ले लिया। इसके बाद उसने बिजेंद्र को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। नवंबर माह में बिजेंद्र की बेटी की शादी थी और शादी में वीडियो दिखाकर किसी प्रकार का हंगामा न करने की शर्त पर उससे चार लाख रुपये भी ले लिए थे, जिससे बिजेंद्र आहत था। पति के मरने के बाद गीता के ससुर ने अपनी वसीयत अपने पौत्रों के नाम कर दी थी। जिसका विवाद भी गीता का परिवार के लोगों से चल रहा था और उसने बिजेंद्र को आश्वासन दिया था कि वह अपनी जमीन उसके नाम कर देगी। लेकिन बिजेंद्र भविष्य में उसके द्वारा ब्लैकमेल किए जाने की आशंका से परेशान था। इसलिए उसने उसकी हत्या की योजना बना डाली।
50 हजार रुपये में शकील को दी थी हत्या की सुपारी
एसपी ने बताया कि बिरजू से शकील की जान-पहचान दिल्ली जेल में हुई थी। बिरजू ने शकील को महिला की हत्या करने के लिए पचास हजार रुपये की सुपारी दी थी। 24 दिसंबर को उन्होंने गाजियाबाद से महिला को घुमाने के बहाने अपनी बिना नंबर की कार में बैठाया। कार में महिला को शराब पिलाई। जब गाड़ी हापुड़ जनपद में पहुंची तो महिला ने लघुशंका की इच्छा जाहिर करते हुए कार को सिंभावली क्षेत्र में नहर किनारे रुकवाया। जहां मौका पाकर दोनों ने गोली मारकर महिला की हत्या कर दी और शव को छोड़कर फरार हो गए। शकील को बिजेंद्र ने तीस हजार रुपये दे दिए थे और बीस हजार रुपये बाकी थे।
सीसीटीवी की मदद से पकड़े गए आरोपी
पुलिस ने बताया कि आरोपी बिजेंद्र उर्फ बिरजू शातिर अपराधी है। आरोपी के खिलाफ गाजियाबाद, दिल्ली के विभिन्न थानों में बलवा, हत्या, डकैती, लूट समेत विभिन्न धाराओं के आठ मुकदमे दर्ज हैं। हत्या के दौरान दोनों पकड़े न जाएं इसके लिए उसने काफी एहतियात बरती, लेकिन हाईवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों में उसकी कार में बैठी गीता को देख लिया गया और पुलिस कार को ट्रेस कर आरोपियों तक पहुंच गई।