कोतवाली पहुंची एक महिला ने बताया के उसने करीब आठ महीने पहले एक बच्ची को अपने रिश्तेदार से गोद लिया था। गोद लेने के बाद से वह बच्ची का पालन-पोषण कर रही थी। लेकिन कुछ दिन पहले उसकी माली हालत खराब हो गई। जिसके चलते करीब सात दिन पूर्व उसने बच्ची को पड़ोसी महिला को देखरेख करने के लिए सौंप दिया। पीड़िता ने बताया कि अब वह महिला उसकी बच्ची को नहीं दे रही है। इसको लेकर पुलिस ने बच्ची समेत दूसरी महिला को भी कोतवाली बुला लिया।
कोतवाली में बच्ची को लेकर आई महिला ने बताया के उस पर लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं, आरोप लगाने वाली महिला ने ही उसे बच्ची का पालन-पोषण करने के लिए दिया था। इसी बीच दोनों महिलाओं के बीच बच्ची का पालन के लिए नोकझोंक होने लगी। मामले को फंसा देखकर पुलिस ने बच्ची की जन्मदाता मां को सूचना देकर कोतवाली बुलाया। कोतवाली पहुंची महिला ने बच्ची को गोद दिए जाने के बारे में तैयार कराए गए सभी दस्तावेज पुलिस को सौंप दिए। अब जन्म देने वाली मां भी बच्ची को घर ले जाने की जिद करने लगी। अंत में पुलिस ने बच्ची को उसकी जन्म देने वाली मां को सौंप दिया। कोतवाली प्रभारी महेंद्र सिंह ने बताया कि बच्ची को उसकी असली मां के सुपुर्द कर दिया गया है।