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वहशियों के निशाने पर नाबालिग लड़कियां

Mon, 14 Jul 2014 11:37 PM IST
अरीश रिज़वी/अमर उजाला, गाजियाबाद
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बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। छेड़खानी, रेप और अपहरण के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इस साल पिछले छह माह के आंकड़ों में खुलासा हुआ है कि वहशियों के निशाने पर नाबालिग लड़कियां ज्यादा हैं।
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इस दौरान रेप के 45 मामले दर्ज किए गए, जिनमें 21 मामले नाबालिग लड़कियों के साथ थे, जिनमें पोक्सो एक्ट भी लगाना पड़ा। 125 छेड़खानी के मामले आए और 194 लड़कियों को बहला-फुसलाकर अपहरण किया गया।

इनमें भी अधिकांश नाबालिग लड़कियां ही हैं। ये महज पुलिस के आंकड़े हैं, महिला अपराध की हकीकत इससे भी तल्ख है, ये सभी जानते हैं।

दुखद ये भी है कि रेप और अपहरण के केसों में नाबालिग आरोपियों की तादाद भी काफी है। पिछले दिनों मसूरी क्षेत्र में तीन किशोरों पर एक बुजुर्ग महिला के साथ दुष्कर्म करने का आरोप है।
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बहला-फुसलाकर ले जाने में 50 से ज्यादा किशोर आरोपी हैं। महिला और बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने भी बलात्कार और हत्या के मामलों में किशोरों को व्यस्कों जैसी सजा देने की बात कही है।

महिला अपराध गाजियाबाद पुलिस की प्राथमिकता है। यहां महिला सेल, महिला और ह्यूमन ट्रैफिकिंग थाना भी है। बावजूद इसके महिला अपराध रुक नहीं रहा है। पुलिस के क्राइम कंट्रोल के तमाम दावे नाकाफी साबित हो रहे हैं।

एसएसपी धर्मेंद्र सिंह का कहना है कि महिला संबंधी अपराध रोकने के लिए पुलिस हर संभव प्रयास कर रही है। रेप केअधिकांश मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। बहला-फुसलाकर ले जाई गईं ज्यादातर लड़कियां भी बरामद कर ली गई हैं।
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छह माह के आपराधिक आंकड़े
हत्या-79
डकैती-1
लूट-64
रेप-45
छे़ड़खानी-125
अपहरण-194
चेन स्नैचिंग-20

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