एक तरफ प्रदेश सरकार कंप्यूटर व लैपटॉप को बढ़ावा दे रही है तो दूसरी तरफ यूपी रोडवेज में इसके उलट ऐसे कर्मियों से नौकरी छीनी जा रही है। यूपी परिवहन निगम के एमडी के आदेश के बाद नोएडा व ग्रेटर नोएडा डिपो में वर्षों से कार्यरत 18 कंप्यूटर ऑपरेटर की सेवा समाप्त कर दी गई है।
मुख्यालय के आदेश पर बिना कोई नोटिस दिए इन्हें हटाने के बाद इन कर्मियों के सामने रोजी रोटी की समस्या उत्पन्न हो गई है तो दूसरी तरफ इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीन (ईटीएम) को ऑपरेट करने में डिपो प्रशासन को भारी परेशानी हो रही है। इन कर्मियों को भारत सरकार की एडेड संस्था निलिट (डोएक) से लिया गया था।
एआरएम सतेंद्र वर्मा का कहना है कि निगम के एमडी के आदेश के बाद इन कंप्यूटर ऑपरेटर को हटाया गया है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में ग्रेनो में एक भी ऑपरेटर न होने से ईटीएम मशीन को ऑपरेट करने से लेकर प्रतिदिन भेजी जानेवाली जानकारी भी प्रभावित हो रही है।
वर्ष 2011 से कार्यरत कंप्यूटर प्रोग्रामर देवेश कुमार ने बताया कि पद से हटाने के पहले परिवहन निगम ने कोई सूचना नहीं दी। अचानक नौकरी जाने के बाद अब परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
नोएडा व ग्रेटर नोएडा डिपो से हटाए जाने वाले कर्मियों में देवेश कुमार, मनोज कुमार, मोनिका सक्सेना, मंजीत कुमार पांडेय, ब्रह्म प्रकाश पाल, योगेश कुमार, विमल कुमार, अशोक कुमार, आशुतोष त्रिपाठी, प्रभाकर विश्वकर्मा, निशा चौहान, दिनेश कुमार, अभिषेक पांडेय, ओंकार, दीपक कुमार, आलोक श्रीवास्तव, जितेंद्र कुमार आदि शामिल हैं।