फरीदाबाद बिजली बिल घोटालों के मास्टर माइंड को मोबाइल कॉल डिटेल से पकड़ा जाएगा। इसकी मंजूरी जांच टीम का मिल गई है।
रविवार को मुख्यालय की ऑडिट कम विजिलेंस टीम ने स्थानीय अधिकारियों समेत आला अधिकारियों के साथ विडियो कान्फ्रेंसिंग की। इस दौरान टीम को संबंधित बैंक से पूछताछ करने के विशेष अधिकार दिए गए।
बिजली निगम को करोड़ों रुपये की चपत लगाने वाला एक बैंक का ठेका कर्मी ही था। जब से यह तथ्य बिजली निगम अधिकारियों के सामने आया है, तब से अधिकारियों की नींद उड़ी हुई है।
अधिकारी हर संभव तरीके को अपना कर आरोपी को पकड़ना चाहते हैं। इसलिए रविवार को जांच टीम ने कर्मचारी के फोन नंबर को ट्रेस करने का निर्णय लिया।
टीम ने स्पष्ट किया कि कर्मचारी को बैंक की ओर से एक नंबर उपलब्ध करवाया गया था। जो अभी तक बैंक के पास नहीं है। यह नंबर ट्रेस किया जाएगा। इसके साथ ही सारी कॉल डिटेल भी निकाली जाएगी। जिससे यह पता चल सकेगा कि कर्मचारी अपने कार्यकाल के दौरान किन-किन लोगों के संपर्क में था।
जिस दिन आरोपी फरार हुआ उस दिन भी उसके पास बैंक का नंबर था। इसलिए उम्मीद है कि इस नंबर से काफी जानकारी मिल सकेगी। 17 मई से सामने आ रहे बिजली बिल घोटालों में सब डिवीजन नंबर दो से काफी गड़बड़ियां सामने आई हैं।
एसई आरएस यादव ने बताया कि टीम को विशेष अधिकार दिए गए हैं। ताकि किसी भी समय टीम किसी भी अधिकारी और संबंधित बैंक से पूछताछ कर सके। क्योंकि कई बार पूछताछ के लिए अनुमति लेने में टीम को समय लग जाता है। टीम जांच प्रक्रिया में देरी नहीं चाहती। इसलिए टीम को विशेष अधिकार दिए गए हैं।