सिरोही गांव के पास बनी अप्राकृतिक झील में नहाते समय दो युवक डूब गए। दोनों युवक अपने दोस्तों के साथ नहाने के लिए आए थे। सूचना मिलने पर पुलिस व आसपास के लोगों ने काफी मशक्कत के बाद दोनों को बाहर निकाला। इसके बाद दोनों को उपचार के लिए बीके अस्पताल लेकर आए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए।
दिल्ली के संगम विहार निवासी मोहन (23), मानस झा (26), राजीव और साजिद अपनी मोटरसाइकिल और स्कूटी से शनिवार को थाना धौज इलाके में स्थित सिरोही झील आए थे। तीन दोस्त मानस, मोहन और राजीव झील में नहाने चले गए। वहीं, चौथा साजिद युवक बाहर खड़ा था। कुछ देर बाद मानस, मोहन और राजीव झील के अंदर पत्थर पर से पैर फिसलने के चलते डूबने लगे। यह देखकर बाहर खड़े युवक ने शोर मचाना शुरू कर दिया।
आसपास पशुओं के चरवाहे व स्थानीय लोग शोर सुनकर दौड़े और तीनों को बचाने का प्रयास करने लगे। स्थानीय लोगों ने राजीव को तो डूबने से बचा लिया, लेकिन झील में गहराई अधिक होने के चलते मानस और मोहन को काफी प्रयास करने के बाद बाहर निकाला जा सका। बाहर निकालने के बाद दोनों को उपचार के लिए बीके अस्पताल लेकर आए, जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं, घटना से दूसरे दिन भी लोगों ने कोई सबक नहीं लिया। रविवार को भी काफी लोग झील में नहाते मिले। पुलिस की तरफ से भी कोई खास इंतजाम नहीं किए गए।
गूगल पर देखा था झील का दृश्य
युवकों ने बताया कि उन्होंने गूगल पर झील का मनमोहक दृश्य देखा था। उसी के चलते वह झील में मस्ती करने के लिए आ गए। युवकों को झील की गहराई व अंदर नुकीले पत्थरों का अंदाजा नहीं था। नहाते समय चारों पानी की गहराई में चले गए। मोहन और मानस झा झील की अत्यधिक गहराई में चले गए और डूबने लगे।
नहीं बचा पाए दोस्तों को
जब मोहन और मानस झा झील में डूब रहे थे तो उनके साथ नहा रहे दोस्त राजीव व साजिद ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सके। दोनों को बचाते समय राजीव नामक युवक को चोट लग गई। उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि दोनों युवकों को झील से बाहर निकालने के बाद भी उन्होंने कार्डियो पल्मोनरी (पुनर्जीवन) के तहत युवाओं को बचाने की कोशिश की। पहले पेट को दबा कर पानी बाहर निकाला और उसके बाद सांस दी, लेकिन उनकी जान नहीं बच पाई।
थाना प्रभारी शिव चरण ने बताया कि दोनों का पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिजनों को सौंप दिया। दोनों किसी कंपनी में नौकरी करते थे। वहीं, मानस झा का एक बड़ा भाई भी है। मृतक मानस झा मैकेनिकल इंजीनियर था और दिल्ली स्थित एक ऑटो मोबाइल्स कंपनी में काम करता था। जबकि मोहन सिंह एक निजी कंपनी में काम करता था। दोनों अविवाहित थे।