साइबर ठगों ने सीबीआई जांच के नाम पर एक डॉक्टर को डिजिटल अरेस्ट कर करीब 4.43 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। आरोपियों ने फर्जी सीबीआई अधिकारी बनकर धमकी दी थी कि उनके खाते में जेट एयरवेज के नरेश गोयल द्वारा किए गए घोटाले से दो करोड़ रुपये मिले हैं। शिकायत पर साइबर थाना पुलिस वेस्ट ने विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।
गुरुग्राम सेक्टर चार निवासी डॉ. राकेश शर्मा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 8 अप्रैल को उनके पास मुंबई पुलिस स्टेशन से व्हाट्सएप कॉल आई थी। उन्हें दूरसंचार विभाग के प्रतिनिधि ने बताया कि उनके मोबाइल नंबर पर यह कहते हुए ब्लॉक करने को कहा कि उनके आधार कार्ड पर एक और मोबाइल पंजीकृत किया गया है। आम लोगों को अनचाहे संदेश भेजा जा रहा है और 17 शिकायतें मिली हैं।
पुलिस स्टेशन के एक सब इंस्पेक्टर ने बताया कि आधार कार्ड पर केनरा बैंक में खोला गया है, जहां रुपये का कमीशन ट्रांसफर हुआ है। नरेश गोयल द्वारा किए गए जेट एयरवेज घोटाले के संबंध में 2 करोड़ रुपये मिले हैं। आरोपी ने परिवार की पूरी जानकारी, करियर संबंधी जानकारी, बैंक खाते का विवरण लेने के बाद कहा कि जांच सीबीआई अधिकारी नवजोत सिम्मी द्वारा की जाएगी, क्योंकि इस अपराध के लिए गिरफ्तारी वारंट है। इसलिए जांच व्हाट्सएप (डिजिटल अरेस्ट कर) पर की जाएगी, क्योंकि एक वरिष्ठ नागरिक हैं और मुंबई पुलिस स्टेशन नहीं आ सकते।
अधिकारी ने उन्हें सख्त चेतावनी दी कि यह बात किसी को न बताएं, क्योंकि यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है। साइबर ठग ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर आपराधिक मामला सूचीबद्ध और खुद भी देख सकते हैं। सीबीआई अधिकारी नवजोत सिम्मी ने 9 अप्रैल को जांच शुरू की। उन्होंने कहा कि अवैध लेनदेन का पता लगाने के लिए बचत खाते और म्यूचुअल फंड जांच के दायरे में रखा जाएगा। 9 से 25 अप्रैल कई लेन-देन में 4.43 करोड़ रुपये थी। 28 अप्रैल को पूरी बात बेटे को बताई। उसने बताया कि पहले भी इसी तरह के मामले सामने आए हैं, इसलिए धोखाधड़ी हो सकती है। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और रविवार को केस दर्ज कर लिया।