परिवार की डांट और सामाजिक विरोध को दरकिनार कर दो किशोरियां आपस में शादी करने की जिद पर अड़ी हैं। बुधवार को मामला थाने तक पहुंच गया।
पुलिस और परिजनों ने उन्हें काफी समझाया, डांटा फटकारा भी, मगर वे टस से मस नहीं हुईं। अब परिजन परेशान हैं कि वे अपनी बेटियों को कैसे समझाएं?
गाजियाबाद में इस तरह का सामने आया यह पहला मामला बताया जा रहा है। आगरा का रहने वाला एक परिवार पिछले दो सालों से लोनी कस्बे में रह रहा हैं।
गृहस्वामी की मैन बाजार में रेडीमेड गारमेंट्स की दुकान है। गारमेंट्स व्यवसायी ने बताया कि उसकी 16 साल की बेटी दुकान पर आती थी। करीब डेढ़ साल पहले उसकी दुकान मालिक की हम उम्र बेटी से दोस्ती हो गई। दोस्ती इस कदर बढ़ी कि वे ज्यादा से ज्यादा समय एक-दूसरे के साथ बिताने लगीं।
परिजनों को इस रिश्ते की भनक लगी तो उन्होंने दोनों को सामाजिक मर्यादा का हवाला देकर समझाया, लेकिन वे नहीं मानीं। दोनों किशोरियां एक-दूसरे के साथ शादी कर साथ रहने की जिद पर अड़ी हैं।
समाज शास्त्री बोले
समाज शास्त्री डॉ. जेएल रैना कहते हैं कि इससे समाज का तानाबाना खतरे में पड जाएगा। इस तरह की घटनाएं संस्कृति के लिए भी घातक हैं। समाज को चलाने के लिए शादी पुरुष और महिला की ही होनी चाहिए।