एम्स में स्त्री और प्रसूति रोग विभाग की पूर्व अध्यक्ष डॉ. नीरजा भाटला ने कहा कि महिला की जांच को सस्ता और सुलभ बनाने की दिशा में किया जा रहा है। डब्ल्यूएचओ भी इस दिशा में काम कर रहा है। सेवाए शुरू होने के बाद ये सुविधा न केवल भारत में दी जाएगी, बल्कि दुनिया के दूसरे गरीब देशों को भी ये सुविधा दी जाएगी।
सुविधा शुरू होने के बाद इसे कोविड की तरह जांच की जायेगी। 35 और 45 साल की उम्र में महिला की जांच की जाए। समय पर जांच होने से सर्वाइकल कैंसर होने की आशंका पूरी तरह खत्म हो जाएगी। स्तन कैंसर के बाद ये महिला में होने वाला दूसरा सबसे बड़ा कैंसर है।
अभी होने वाली जांच महंगी है। आसानी से उपलब्ध नहीं होती। स्वदेशी जांच शुरू होने का बाद यह काफी सस्ता हो जाएगा। सैपल की जांच होगी। ये सभी सैंपल को एम्स ने उपलब्ध करवाया है। मुंबई के अलावा एक अन्य केंद्र पर इस सैंपल की जांच होगी और इन पर शोध होगा।
एम्स के डॉक्टर शंकर नारायण ने एक शोध किया था। इसमें पाया गया था की एक बार की जांच से इसे पकड़ा जा सकता है। अब दो बार जांच करेंगे। इसकी मदद से कैंसर पूरी तरह से पकड़ में होगा। इंटरनेशल स्तर की मानक में जांच होगी। दिसंबर से इस दिशा में काम शुरू किया था।