मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल बेशक भ्रष्टाचार कम होने की बात कर रहे हों, लेकिन राजधानी में पिछले एक साल में 30 फीसदी आबादी ने काम करवाने के लिए रिश्वत का सहारा लिया है।
दिल्ली में ड्राइविंग लाइसेंस, रेहड़ी-फड़ी, घर के नक्शे पास करवाने के लिए सबसे अधिक रिश्वत देनी पड़ती है।
यह खुलासा सीएम-इंडिया करप्शन स्टडी-2015 की रिपोर्ट में हुआ है। खास बात यह है कि पिछले एक साल में दिल्लीवासियों ने पंद्रह मुख्य सेवाओं के लिए 239.26 करोड़ रुपये रिश्वत में खर्च किए हैं। जबकि कुल आबादी में से एक घर करीब 2486 रुपये रिश्वत में देता है।