उबर कैब रेप केस में स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट मंगलवार को फैसला सुना सकती है। तीस हजारी स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कावेरी बावेजा ने बचाव व अभियोजन पक्ष की दलीलें सुनने के बाद 7 अक्तूबर को फैसला सुरक्षित रख लिया था।
मामला 5 दिसंबर 2014 को उबर कैब में एमएनसी में काम करने वाली वित्तीय सलाहकार से दुष्कर्म से जुड़ा है। आरोपी शिव कुमार यादव ने पीड़िता समेत अभियोजन के अन्य गवाहों के बयान दोबारा कराने की मांग की थी।
हाईकोर्ट ने आरोपी को पीड़िता समेत 13 गवाहों से दोबारा जिरह करने की अनुमति दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के इस आदेश को पलट दिया था। बचाव पक्ष इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत न मिलने के बाद 24 सितंबर से जिरह कर रहा था।