बिजली बिलों ने शनिवार को खूब हंगामा कराया। कमलानेहरू नगर बिजलीघर पर बिल जमा न होने से लोगों ने बवाल कर दिया। पावर कारपोरेशन के अफसर लोगों को एक सेंटर से दूसरे पर दौड़ाते रहे।
शनिवार के कारण भारी संख्या में लोग बिल जमा करने पहुंचे थे। परेशानी का कारण यह भी रहा कि एचसीएल के नए सॉफ्टवेयर पर अनट्रेंड स्टाफ को बैठा दिया गया। लोगों का कहना था कि जब अधिकारी बिजली के बिल समय पर जमा नहीं कर पा रहे हैं तो फिर लेट पर पैनाल्टी क्यों लगाते हैं।
जनवरी का बिल भी जमा नहीं किया गया है और न मीटरों की रीडिंग लेने ही कोई आया। असल में फरवरी माह में मीटरों की रीडिंग भी नहीं ली गई थी। ऐसे में काउंटर पर बिल बनवाने और जमा करने वालों की लंबी लाइन लग गई।
घंटों इंतजार के बाद लोगों का सब्र जवाब दे गया और उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। उपभोक्ता इस बात पर भी भड़के हुए थे कि अफसर उन्हें एक केंद्र से दूसरे पर दौड़ा रहे थे। सुबह आठ बजे से लाइनों में लगे लोगों को दोपहर हो गई लेकिन न तो बिल बना और न ही जमा हुआ।
सिस्टम पर बिना ट्रेनिंग दिए बैठा दिया स्टाफ
एचसीएम के साफ्टवेयर सिस्टम पर रिलायंस और सिफी का नेटवर्क लगाया गया है। कंप्यूटरों पर साईं टेलीकाम का स्टाफ लगाया गया है। साईं टेलीकाम और पावर कारपोरेशन के अफसरों को एचसीएल सॉफ्टवेयर की जानकारी नहीं है। ऐसे में एक-एक बिल जमा करने में 20 से 30 मिनट का समय लगा। इसी दौरान सर्वर डाउन हो गया।
यहां झेलनी पड़ी ज्यादा परेशानी
कमला नेहरूनगर, राजनगर, कविनगर, शास्त्रीनगर, नेहरूनगर, गांधीनगर, अंबेडकर रोड, राकेश मार्ग, वैशाली सेक्टर तीन, विजयनगर, प्रताप विहार, पटेलनगर और नंदग्राम बिलिंग सेंटरों पर हुई परेशानी।