कनाडा में बैठे खालिस्तान टास्क फोर्स के आतंकी अर्शदीप डल्ला के गिरफ्तार सहयोगियों जगजीत सिंह व नौशाद ने पूछताछ में सनसनीखेज खुलासा किया है। इन सहयोगियों को पंजाब में कई धार्मिक गुरुओं व नेताओं की हत्या करनी थी। इनकी पहचान कर ली गई थी। वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपियों पास हथियार पहुंच गए थे। आरोपियों ने बताया कि पंजाब में धार्मिक नेताओं की हत्या के निर्देश अर्शदीप ने दिए थे।
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार सहयोगी जगजीत सिंह व नौशाद के खिलाफ दर्ज एफआईआर में शुक्रवार को आतंक विरोधी(रोकथाम) अधिनियम(यूएपीए) की धारा जोड़ी गई है। पुलिस ने शुक्रवार शाम को दोनों को कोर्ट में पेश किया।
कोर्ट ने दोनों को 14 दिन की पुलिस रिमांड पर पुलिस को सौंप दिया है। स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुलिस दोनों आरोपियों को साथ लेकर जहांगीरपुरी में उनके ठिकानों पर छापेमारी कर रही थी। छापेमारी देर रात तक चल रही थी। इस दौरान स्पेशल सेल के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
आरोपियों ने पूछताछ में ये भी बताया है कि ये पंजाब मं कुछ धार्मिक नेताओं की रेकी कर चुके हैं, जबकि कुछ नेताओं की रेकी करने की तैयारी की जा रही थी। धार्मिक नेताओं की हत्या 26 जनवरी से पहले करनी थी।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कोपा किरपाली गुलाट भोज,उधम सिंह नगर उत्तराखंड निवासी जगजीत सिंह(29) और जहांगीरपुरी दिल्ली निवासी नौशाद (53) को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया।
नौशाद आतंकी संगठन हरकत उल अंसार का सदस्य रहा है। इनके कब्जे से तीन आधुनिक पिस्टल व 22 कारतूस बरामद किए गए थे। अर्शदीप डल्ला खालिस्तान टास्क फोर्स(केटीएफ) का खूंखार आतंकी है। भारत सरकार ने उसे दो दिन पहले ही आतंकी घोषित किया था।