सफदरजंग अस्पताल में एक डॉक्टर के करीब 50 वर्षीय पिता लंबे समय से पेट में गैस से परेशान थे। डॉक्टर ने गैस को पहले सामान्य समझा, लेकिन जब राहत नहीं मिली तो सामान्य जांच के लिए अल्ट्रासाउंड करवाया।
रिपोर्ट में किडनी के पास कुछ असामान्य दिखाई दिया, सीटी स्कैन में इसकी पुष्टि कैंसर के तौर पर हुई। समय पर कैंसर का पता चलने पर आसानी से ऑपरेशन भी हो गया और मरीज भी पूरी तरह से स्वस्थ है।
वर्ल्ड रेडियोलॉजी डे के अवसर पर सफदरजंग अस्पताल के रेडियोलॉजी विभाग के वरिष्ठ डॉक्टर अनुज कुमार ने बताया कि कैंसर के लक्षण देरी से पता चलने के कारण मरीज की समस्या बढ़ जाती है। यदि हर साल एक बार अल्ट्रासाउंड करवाया जाए तो कैंसर ही नहीं, पित्त की थैली में पथरी, फैटी लीवर जैसी समस्याओं को जल्द पकड़ा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि अल्ट्रासाउंड करवाना पूरी तरह से सुरक्षित है और इसे कोई भी करवा सकता है। यह शरीर की स्क्रीनिंग की एक प्रक्रिया है, जिससे काफी हद तक शरीर में जमा होने वाले पानी, पित्त की थैली में पथरी, किडनी में पथरी, बच्चेदानी में रसौली, लीवर में चर्बी जमा होना जैसे अन्य विकारों का पता चल जाता है। उन्होंने कहा कि यदि लोग नियमित जांच करवाते हैं तो काफी बड़े रोगों को पहले स्टेज में ही पकड़ा जा सकता है। इसलिए इस बार विश्व वीडियोग्राफी दिवस की थीम ‘रोगी सुरक्षा में सबसे आगे रेडियोग्राफर’ है। इसे लेकर मंगलवार को जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।