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पाकिस्तान से नेपाल होकर भारत में आ रहे हैं नकली नोट: स्पेशल सेल ने सप्लायर को किया गिरफ्तार, दिल्ली में खपा चुका है एक करोड़

Sun, 09 Jan 2022 08:40 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

आरोपी से पूछताछ में ये सामने आया है कि वर्ष 2016 में नोटबंदी के बाद नकली नोटों की तस्करी थम गई थी। मगर पिछले चार वर्षों से फिर से नकली नोटों की तस्करी बढ़ी है। अब पाकिस्तान से खाड़ी देशों होकर फिर बांग्लादेश व नेपाल होकर भारत में नकली नोट आ रहे हैं। 
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नकली नोटों के साथ गिरफ्तार हुआ तस्कर - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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भारत में पाकिस्तान से खाड़ी देश व फिर नेपाल व बांग्लादेश होकर नकली नोट आ रहे हैं। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने नकली नोटों की सप्लाई करने वाले एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी पिछले चार वर्षों में दिल्ली के बाजारों में एक करोड़ रुपये से ज्यादा के नकली नोट खपा चुका है। आरोपी के कब्जे से 2.98 लाख रुपये के नकली नोट बरामद किए गए हैं। सभी नकली नोट 500 रुपये के नोट में हैं। 

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स्पेशल सेल डीसीपी (सर्दन रेंज) जसमीत सिंह के अनुसार सेल में तैनात इंस्पेक्टर ईश्वर सिंह को सूचना मिली थी कि भारत-नेपाल सीमा से भारत में रक्सौल, मोतिहारी बिहार होकर भारत में नकली नोट आ रहे हैं। इस सूचना को और विकसित किया गया। करीब दो महीनों के कड़े प्रयासों के बाद सात जनवरी को ये जानकारी मिली कि नकली नोट सप्लाई करने वाला पूर्वी चंपारण, बिहार निवासी रईसुल आजम नकली नोट की खेप लेकर इंद्रप्रस्थ पार्क के पास आएगा। एसीपी अत्तर सिंह की देखरेख में इंस्पेक्टर ईश्वर सिंह, एसआई रंजीत सिंह व एसआई संजीव कुमार की टीम ने इंद्रप्रस्थ पार्क के पास घेराबंदी कर आरोपी रईसुल आजम (42) को पकड़ लिया। आरोपी के बैग से 2.98 लाख रुपये के नकली नोट बरामद किए गए। 

रईसुल आजम ने पूछताछ में खुलासा किया है कि उसने नेपाल के एक नागरिक सुरेश से तीन लाख की बरामद नकली नोट की खेप खरीदी थी। खेप को सप्लाई करने वह दिल्ली आया था। वह 14-15 वर्षों से देश के कुछ हिस्सों में नकली नोट सप्लाई कर रहा है। वह एक लाख रुपये के नकली नोट 30 हजार रुपये में खरीदता था और उसे आगे 50 से 55 हजार में बेचता था। विमुद्रीकरण के बाद पिछले लगभग चार वर्षों के दौरान उसने दिल्ली में 1 करोड़ रुपये से अधिक की नकली नकली नोट सप्लाई कर चुका है।
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नकली नोट सप्लाई करने में पहले भी गिरफ्तार हो चुका है
जीआरपी, सिवोल बिहार ने उसे साथी नूर निशा के साथ वर्ष 2008 में ढ़ाई लाख रुपये के नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया था। जेल से बाहर आने के बाद फिर से नकली नोटों की सप्लाई करने लगा था। कोलकाता पुलिस ने वर्ष 2011 साथी मुश्ताक के साथ 16 लाख रुपये के नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया था। 

नोटबंदी के बाद नकली नोटों को प्रचलन बंद हो गया था
आरोपी से पूछताछ में ये सामने आया है कि वर्ष 2016 में नोटबंदी के बाद नकली नोटों की तस्करी थम गई थी। मगर पिछले चार वर्षों से फिर से नकली नोटों की तस्करी बढ़ी है। अब पाकिस्तान से खाड़ी देशों होकर फिर बांग्लादेश व नेपाल होकर भारत में नकली नोट आ रहे हैं। बरामद नकली नोटों की गुणवत्ता इतनी अच्छी है कि नकली व असली की पहचान करना आसान नहीं होता। नकली नोटों में लगभग समान सुरक्षा विशेषताएं हैं जैसे बनावट, कागज की अच्छी गुणवत्ता, रंग, सुरक्षा धागा, पानी के निशान आदि मौजूद हैं।

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