बांग्लादेश से आई सोनिया पहले ग्रेनो में रहकर पुलिस से न्याय की मांग कर रही थी। सोनिया का कहना था कि ग्रेनो निवासी उसके पति सौरभ ने बांग्लादेश में उससे धोखा देकर विवाह किया था। सौरभ ने बताया था कि उसकी पहली पत्नी की मृत्यु हो गई है। इसके बाद सौरभ ने पहले धर्म परिवर्तन किया और फिर निकाह किया। इसके बाद पहली पत्नी की शिकायत पर सौरभ को बांग्लादेश की कंपनी ने हटा दिया और वह भारत आ गया। सोनिया अख्तर सवा साल के बेटे को लेकर बांग्लादेश से भारत आई है। सोनिया का कहना है कि वह बेटे को उसके पिता का हक दिलाकर रहेगी। अब सोनिया की सीमा हैदर के वकील एपी सिंह मदद कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सोनिया की शिकायत बांग्लादेश हाईकमीशन को दी गई थी। हाईकमीशन ने शेख हसीना को पूरे मामले से अवगत कराकर शिकायत दी है। अब शेख हसीना ने इस शिकायत को कार्रवाई के लिए भारत सरकार व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रेषित किया है। इसमें सोनिया अख्तर ने पति सौरभ पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
सोनिया तीन अगस्त को बांग्लादेश से अपने सवा साल के बेटे को लेकर भारत में आई थी। शुरू में वकील रेनू सिंह की मदद से वह ग्रेनो में किराये पर रहकर न्याय के लिए संघर्ष कर रही थी। अब वह दिल्ली में वकील एपी सिंह की मदद से कानूनी लड़ाई लड़ रही है। उसने अपने पति ग्रेनो की शिवालिक होम्स सोसाइटी निवासी सौरभ को पाने के लिए नोएडा पुलिस, प्रधानमंत्री से गुहार लगाई थी। इसके बाद मामला राष्ट्रीय, उत्तर प्रदेश और दिल्ली महिला आयोग पहुंचा था। अब सोनिया ने तीस हजारी कोर्ट में याचिका दायर की। वकील एपी सिंह का कहना है कि कोर्ट ने नोटिस जारी कर तस्दीक कराने के लिए कहा है।
यह है पूरा मामला
सोनिया के मुताबिक सौरभ ने उससे पहली पत्नी की मौत होने की बात कही थी। बांग्लादेश में सौरभ ने 11 अप्रैल 2021 को इस्लाम धर्म कबूल किया। इसके बाद 14 अप्रैल 2021 को दोनों ने निकाह किया। सोनिया कंपनी के दिए घर में सौरभ के साथ रहती थी। 20 अप्रैल को उसने बेटे को जन्म दिया था। सौरभ ने सोनिया के लिए तीन घरेलू सहायिकाएं रखी थीं। इस बीच सौरभ की पहली पत्नी व बच्चे बांग्लादेश आ गए। पहली पत्नी की शिकायत पर सौरभ को बांग्लादेश स्थित कंपनी से हटा दिया गया। 24 दिसंबर 2022 को सौरभ भारत आ गया। सोनिया ने कहा कि वह अपना धर्म कभी नहीं बदलेगी। अगर वह पहली पत्नी को साथ भी रखते हैं तो उन्हें कोई एतराज नहीं।