दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि किसी भी सरकारी कार्यालय में लगे कंप्यूटर पर सोशल नेटवर्किंग साइट नहीं खोली जाएगी। मात्र एक कंप्यूटर से इन साइट पर निगरानी रखी जा सकेगी, लेकिन कंप्यूटर पर सरकारी डाटा नहीं डाला जाएगा जिससे रिकार्ड चोरी न हो सके।
इसके अलावा सभी सरकारी कामकाज के लिए बनाई नई ई-मेल नीति के तहत 50 लाख कर्मचारियों को जल्द से जल्द ई-मेल अकाउंट जारी किए जाएं। कार्यकारी न्यायाधीश बीडी अहमद व न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल की खंडपीठ ने केंद्र सरकार को अमेरिका व चीन का सॉफ्टवेयर इस्तेमाल करने की अपेक्षा अपना अलग से सॉफ्टवेयर बनाने पर विचार करने का भी निर्देश दिया।
अदालत ने कहा कि देश के इंजीनियर बाहर जाकर नए सॉफ्टवेयर बना रहे हैं। ऐसे इंजीनियरों के जरिये भारत स्वयं का सॉफ्टवेयर इस्तेमाल करे, ताकि सरकारी डाटा चोरी होने की संभावना खत्म हो जाए।