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Shraddha murder Case: साकेत कोर्ट ने लिया चार्जशीट पर संज्ञान, स्क्रूटनी के लिए 21 फरवरी की तारीख तय

Tue, 07 Feb 2023 12:59 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

आज जब कोर्ट की कार्यवाही शुरू हुई तो आफताब को बंद कमरे में पेश किया गया। अब उसे चार्जशीट की कॉपी सौंपने का भी आदेश हुआ है।
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Aftab Shraddha Case - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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श्रद्धा वालकर हत्याकांड में पुलिस ने आरोपी आफताब के खिलाफ जो चार्जशीट दाखिल की थी, उस पर मंगलवार(7 फरवरी) को साकेत कोर्ट ने संज्ञान लिया है।
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अदालत ने चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए स्क्रूटनी के लिए 21 फरवरी की तारीख तय की है। गौरतलब है कि आज जब कोर्ट की कार्यवाही शुरू हुई तो आफताब को बंद कमरे में पेश किया गया। अब उसे चार्जशीट की कॉपी सौंपने का भी आदेश हुआ है।

चार्जशीट में क्या है
श्रद्धा वालकर हत्या मामले के आरोपी आफताब अमीन पूनावाला श्रद्धा की हत्या करने के बाद कुछ देर बैठा रहा। इसके उसने श्रद्धा के शव के टुकड़े करने की ठानी। उसने 17 मई को ही श्रद्धा के दोनों हाथ काट दिए थे। वह तीन से चार दिन तक श्रद्धा के शव के टुकड़े करता रहा था। दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को कोर्ट में दाखिल आरोप पत्र में ये बातें कही हैं।
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दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि आफताब ने श्रद्धा की हत्या करने के बाद वह महरौली से आरी व ब्लेड खरीदकर लगाया। उसने पहले दिन यानि 17 मई को ही श्रद्धा के दोनों हाथ काट दिए थे। आरोपी ने पूछताछ में कहा है कि उसने पहले दिन शव के दो टुकड़े इसलिए किए थे कि वह थक गया था।
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थक गया तो अगले दिन किए श्रद्धा के शरीर के बाकी टुकड़े

वह शारीरिक व मानसिक रूप से थक गया था। इसके बाद उसने खून आदि साफ करने के लिए केमिकल व अन्य सामान मंगाया था। अगले दिन यानि 18 कई को सुबह 11.30 बजे उसने श्रद्धा के शव के फिर टुकड़े करना शुरू कर दिया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी तीन से चार दिन तक श्रद्धा के शव के टुकड़े करता रहा।

शव के टुकड़े करने के बाद उसने टुकड़ों को ठिकाने लगाना शुरू कर दिया था। उसने सिर को करीब छह महीने बाद जंगल में फेंका था। आरोपी ने पहचान छिपाने के लिए सिर को सबसे बाद में जंगल में फेंका था। हालांकि पुलिस के पास ऐसा कोई गवाह नहीं है कि जिसने श्रद्धा की हत्या करने, शव के टुकड़े करते और शव के टुकड़ों को ठिकाने लगाते देखा हो।

ऐसे में पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पुलिस के पास सिर्फ परिस्थिति जन्य साक्ष्य हैं। इस साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को सजा दिलवाने की कोशिश की जाएगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है डीएनए मिलान ही आरोपी के खिलाफ सबसे बड़ा साक्ष्य है।
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