वह शारीरिक व मानसिक रूप से थक गया था। इसके बाद उसने खून आदि साफ करने के लिए केमिकल व अन्य सामान मंगाया था। अगले दिन यानि 18 कई को सुबह 11.30 बजे उसने श्रद्धा के शव के फिर टुकड़े करना शुरू कर दिया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी तीन से चार दिन तक श्रद्धा के शव के टुकड़े करता रहा।
शव के टुकड़े करने के बाद उसने टुकड़ों को ठिकाने लगाना शुरू कर दिया था। उसने सिर को करीब छह महीने बाद जंगल में फेंका था। आरोपी ने पहचान छिपाने के लिए सिर को सबसे बाद में जंगल में फेंका था। हालांकि पुलिस के पास ऐसा कोई गवाह नहीं है कि जिसने श्रद्धा की हत्या करने, शव के टुकड़े करते और शव के टुकड़ों को ठिकाने लगाते देखा हो।
ऐसे में पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पुलिस के पास सिर्फ परिस्थिति जन्य साक्ष्य हैं। इस साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को सजा दिलवाने की कोशिश की जाएगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है डीएनए मिलान ही आरोपी के खिलाफ सबसे बड़ा साक्ष्य है।