अब प्रदेश में शहरी क्षेत्र में रह रहे बेघर लोगों को नगर निकाय आसरा देगा। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘स्कीम फॉर शेल्टर फॉर अरबन डेवलेपमेंट’ के अंतर्गत शहरी क्षेत्र के बेघरों के लिए प्रदेश के सभी नगर निगम और पालिकाओं को आश्रय स्थलों को अपग्रेड करना होगा।
नगर विकास मंत्रालय ने तत्काल इसकी रिपोर्ट मांगी है। नगर विकास के निदेशक नरेंद्र कुमार सिंह ने सभी नगर आयुक्त और अधिशासी अधिकारियों को पत्र भेजकर शहरी बेघरों की स्थिति पर नाराजगी जताई है।
योजना के अंतर्गत प्रदेश के 83 शहरों में नए आश्रय स्थलों का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा है कि नए आश्रय स्थलों के लिए भूमि चिन्हित कर शासन को अवगत कराएं।
मौजूदा आश्रय स्थलों को अपग्रेड कर पानी, सफाई, बिजली, रसोई, मनोरंजन के संसाधन की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए हैं।
नगर निकायों को आश्रय स्थलों के पांच किमी के दायरे में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, आंगनबाड़ी केंद्र, प्राथमिक स्कूल की भी व्यवस्था करनी होगी।
आश्रय स्थलों की हालत खस्ता
गाजियाबाद। महानगर के आश्रय स्थलों की हालत खस्ता हो गई है। महानगर में कुल 14 आश्रय स्थल हैं लेकिन यहां न ओढ़ने को पर्याप्त कंबल हैं और न मनोरंजन के साधन।
विवेकानंद नगर स्थित आश्रय स्थल में 15-20 कंबल हैं, 20 गद्दे, एक शौचालय और पानी की टंकी है। आश्रय स्थल के बाहर लगे बोर्ड पर सुविधाओं का बखान है।
बोर्ड के अनुसार आश्रय स्थल में पर्याप्त गद्दे, कंबल, शुद्ध पेयजल, रसोई घर, टीवी और स्नानागार होना चाहिए।