पूर्वी दिल्ली नगर निगम ने समुदाय भवनों की बुकिंग के बाद पार्किंग उपयोग पर भी सर्विस टैक्स लगा दिया है। अब पार्किंग फीस के साथ वाहन मालिकों को साढ़े 12 प्रतिशत सर्विस टैक्स देना पड़ेगा। वहीं पार्किंग में आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने को ठेकेदारों को सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्देश दिया गया है।
पूर्वी दिल्ली नगर निगम के आयुक्त एस कुमार स्वामी ने पार्किंग नीति में सुविधा देने और उनके वाहनों की सुरक्षा के मद्देनजर कई संशोधन किए हैं। पार्किंग शुल्क पर साढ़े 12 प्रतिशत सर्विस टैक्स लगाया गया है, जो ठेकेदार वाहन मालिकों से वसूलेंगे।
वर्तमान में कार की पहले 10 घंटे के लिए पार्किंग 10 रुपये है और उसके बाद 20 रुपये वसूली जाती है। दुपहिया के लिए पहले 10 घंटे की फीस सात रुपये और उसके बाद 15 रुपये है।
दूसरी ओर गृह मंत्रालय की तरफ से अगस्त, 2013 में पार्किंग में सीसीटीवी कैमरे लगाने के भेजे गए निर्देश को अमलीजामा पहनाने का भी प्रावधान किया है। नई नीति में यह साफ किया गया है कि ठेकेदार को हर हाल में सीसीटीवी कैमरे लगाने होंगे।
कैमरे नहीं लगाने पर पार्किंग चलाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। इससे यह सुनिश्चित हो सकेगा कि पार्किंग में वाहन लेकर कौन आया, वाहन कितनी देर खड़ा रहा, क्या सामान लेकर आया और क्या बाहर गया। वाहन में बैठकर कौन क्या कर रहा है।
आयुक्त ने ठेकेदारों के साथ पार्किंग चलाने के अनुबंध को रजिस्ट्रार कार्यालय में रजिस्ट्रेशन कराने का निर्णय लिया है। इस व्यवस्था के बाद ठेकेदार ठेका लेने के बाद छोड़ नहीं सकेगा।