इन मशीनों से यात्री अपना बैग सीधे जमा कर सकेंगे। यहां से उनका बैग विमान में पहुंच जाएगा। यहां उनकी मदद के लिए कर्मचारी भी तैनात रहेंगे। सेल्फ बैगेज ड्रॉप सेवा के जरिये पहले यात्री को बोर्डिंग पास जनरेट करना होगा। इसके बाद बैगेज टैग मिलेगा।
इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) एयरपोर्ट से घरेलू उड़ान के यात्रियों को अब सामान को लेकर परेशान नहीं होना पड़ेगा। आईजीआई टर्मिनल-3 पर सेल्फ बैगेज ड्रॉप सेवा शुरू की गई है। यात्रियों को सामान पास कराने में लगने वाला समय बचेगा। इससे यात्रियों के 15 से 20 मिनट की बचत होगी। यात्रियों की सहूलियत के लिए एयरपोर्ट में 14 सेल्फ बैगेज मशीन लगाई गई हैं, जिसमें 12 मशीनें स्वचालित व दो हाइब्रिड हैं। दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डायल) की ओर से मशीनें स्थापित की गई हैं।
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इन मशीनों से यात्री अपना बैग सीधे जमा कर सकेंगे। यहां से उनका बैग विमान में पहुंच जाएगा। यहां उनकी मदद के लिए कर्मचारी भी तैनात रहेंगे। सेल्फ बैगेज ड्रॉप सेवा के जरिये पहले यात्री को बोर्डिंग पास जनरेट करना होगा। इसके बाद बैगेज टैग मिलेगा। यात्री बैग ड्रॉप प्रक्रिया शुरू करने के लिए बोर्डिंग पास को स्कैन करेगा। बैग को मापा-तौला और स्कैन किया जाएगा और स्वचालित रूप से बैगेज हैंडलिंग सिस्टम में डाला जाएगा। डायल के एक वरिष्ठ अधिकारी बताया कि अगर बैग का वजन नियम अनुसार नहीं होता है, तो यात्री से संपर्क किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अगर बैग में आपत्तिजनक व निषेध चीजें पाई गईं तो मशीन उस बैग को वापस कर देगी। जिससे यात्री को उसके बारे में बताना होगा। उन्होंने कहा कि यह सेवा अंतरराष्ट्रीय टर्मिनल में भी जल्द शुरू की जाएगी।