भारतीय जनता पार्टी की सबसे बड़ी परेशानी यह है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को तथाकथित शराब घोटाले के झूठे आरोप में गिरफ्तार करने के बावजूद भी दुनिया और देश के लोग यह मानने को तैयार नहीं है कि अरविंद केजरीवाल ने या आम आदमी पार्टी ने कोई भ्रष्टाचार किया है। न केवल आम जनता बल्कि भारतीय जनता पार्टी के भीतर का एक बड़ा तबका भी इस बात को स्वीकार कर रहा है। अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार करना भारतीय जनता पार्टी की सबसे बड़ी गलती है। एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री सौरभ भारद्वाज ने ये बातें कहीं।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि पिछले दो साल से रोजाना भारतीय जनता पार्टी किसी न किसी माध्यम से आम आदमी पार्टी को भ्रष्टाचारी साबित करने के लिए कोई नई कहानी गढ़ती है। लेकिन लाख कोशिशें के बावजूद भी भाजपा आम आदमी पार्टी को भ्रष्टाचारी साबित नहीं कर पाई। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि पिछले दो-तीन दिन से भारतीय जनता पार्टी एक नया शगुफा लेकर आई है। एक चरणप्रीत सिंह नामक व्यक्ति को अब भाजपा, आम आदमी पार्टी का फंड मैनेजर बता रही है।
उन्होंने कहा कि भाजपा इस मामले में कुछ तथ्यों को छुपा रही है। उन्होंने बताया कि यही व्यक्ति चरनप्रीत सिंह जिसे भाजपा आम आदमी पार्टी का फंड मैनेजर बता रही है, एक साल पहले सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किया गया था। उसने बताया कि इस मामले में उनकी गिरफ्तारी के बाद सीबीआई के जज एमके नागपाल ने चरणप्रीत सिंह को यह कहते हुए जमानत दे दी थी कि उनके खिलाफ कोई पर्याप्त सबूत नहीं मिले हैं, जिससे कि यह साबित हो कि चरणप्रीत सिंह इस तथाकथित शराब घोटाले में शामिल हैं।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि एक बार फिर इस चरनप्रीत सिंह को अब ईडी ने गिरफ्तार कर लिया है और इस प्रकार से दिखाया जा रहा है जैसे की इस तथाकथित शराब घोटाले में अरविंद केजरीवाल के बाद यही दूसरा व्यक्ति था। उन्होंने कहा भाजपा ऐसा केवल और केवल इसलिए कर रही है क्योंकि इस पूरे मामले में ईडी और सीबीआई के पास एक भी ऐसा साक्ष्य नहीं है, जिसके आधार पर ईडी तथाकथित भ्रष्टाचार के झूठे मामले को आगे चला सके।
सौरभ भारद्वाज ने चरणप्रीत सिंह की गिरफ्तारी के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए बताया कि इसकी गिरफ्तारी इस आधार पर की गई है कि गुजरात के किसी हवाला कारोबारी ने अपनी किसी डायरी में अपने हाथ से इसका नाम लिखा हुआ है। उन्होंने कहा कि अब तक इस तथाकथित शराब घोटाले के मामले में एक ही बात सुनने में आ रही थी कि साउथ की किसी लॉबी से पैसा दिल्ली आया और गोवा के चुनाव में वह पैसा इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि यदि साउथ से पैसा आया और गोवा में चुनाव के दौरान पैसे का इस्तेमाल हुआ तो गुजरात के किसी हवाला कारोबारी ने अपनी डायरी में इस संबंध में इस व्यक्ति का नाम क्यों लिखा? यह बात समझ से बिल्कुल परे है।