फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Delhi: 'आतिशी ने पानी की समस्या पर अपनी ही सरकार को ठहराया दोषी...' LG ने सीएम केजरीवाल के नाम लेटर में लिखा

Tue, 16 Apr 2024 09:15 PM IST
आकाश दुबे एएनआई, दिल्ली

सार

उपराज्यपाल ने दिल्ली सरकार की मंत्री आतिशी द्वारा जल संकट को लेकर लिखे गए पत्र के जवाब में सीएम केजरीवाल को पत्र लिखा है। एलजी ने पत्र में कहा है कि मैं आपको (केजरीवाल) यह खुला पत्र लिखने के लिए मजबूर हूं।
विज्ञापन
vinay kumar saxena - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दिल्ली के उपराज्यपाल (एलजी) विनय कुमार सक्सेना ने तिहाड़ में बंद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को एक खुला पत्र लिखा है। एलजी ने दिल्ली सरकार की मंत्री आतिशी द्वारा जल संकट को लेकर लिखे गए पत्र के जवाब में सीएम केजरीवाल को पत्र लिखा है। एलजी ने पत्र में कहा है कि मैं आपको (केजरीवाल) यह खुला पत्र लिखने के लिए मजबूर हूं, क्योंकि आपकी वर्तमान परिस्थितियों में आपसे सीधा संवाद संभव नहीं है। भरोसा है कि आप दर्द भरे इन शब्दों को पढ़ने के लिए समाचार और पुस्तकालय सुविधाओं का उपयोग करने में सक्षम होंगे।

विज्ञापन


दिल्ली की मंत्री आतिशी ने हाल ही में एलजी को एक पत्र लिखा था। जिसमें आतिशी ने आरोप लगाया था कि पानी की वजह से पूर्वी दिल्ली के फर्श बाजार इलाके में एक महिला की जान चली गई। इसके लिए उन्होंने दिल्ली जलबोर्ड के अधिकारी और दिल्ली के मुख्य सचिव भी जिम्मेदार बताया था। साथ ही दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की बात कही थी। 

एलजी ने अब आतिशी के पत्र के जवाब में सीएम को लिखा कि मैं मंत्री आतिशी के पत्र से बहुत व्यथित हूं, 'आपके मंत्रियों की अपनी विफलताओं के लिए अधिकारियों को दोषी ठहराना, अब लगभग आदत बन गई है, चाहे वह स्वास्थ्य, अस्पतालों, स्वच्छता, शिक्षा या जल आपूर्ति का क्षेत्र ही क्यों न हो।
विज्ञापन


एलजी ने कहा कि पुलिस अभी भी महिला की मौत के मामले की जांच कर रही है। घटना के पीछे पानी की कमी वजह बताकर आतिशी ने 09 वर्ष से अधिक की अपनी ही सरकार को दोषी ठहराया है। 

एलजी के पत्र पर मंत्री आतिशी का जवाब 
वहीं एलजी के पत्र के जवाब में दिल्ली की जल मंत्री आतिशी का कहना है, जल बोर्ड का काम रोकने के लिए एलजी जिम्मेदार हैं। एलजी ने काम रोकने वाले अफसरों को प्रोत्साहित किया है। जिसके चलते बार-बार कहने के बावजूद अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें