तुगलकाबाद में संत रविदास मंदिर को फिर से मूल स्थान पर बनवाने की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर संत कुलवंत राम का आमरण अनशन दूसरे दिन भी जारी रहा। इस मौके पर संत रविदास समर्थक अपनी मांग पर अड़े रहे। धरना दे रहे लोगों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। यह धरना 10 अक्तूबर को तुगलकाबाद में संत रविदास मंदिर के मूल स्थान पर मत्था टेकने के बाद समाप्त होगा।
धरने में कई राज्यों के विभिन्न संगठनों ने हिस्सेदारी की। धरने पर बैठे लोगों में सरकार के खिलाफ लगातार रोष की स्थिति बरकरार है। लोगों ने आरोप लगाया कि तुगलकाबाद में दशकों पुराने संत रविदास मंदिर को अवैध निर्माण बताकर तोड़ दिया गया। लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ किया गया। संत रविदास मंदिर से दलित समाज की आस्था जुड़ी है और इस मंदिर को फिर से मूल स्थान पर बनवाकर ही यह लड़ाई समाप्त होगी।
धरने में आमरण अनशन पर बैठे संत रविदास साधु संप्रदाय के अध्यक्ष संत कुलवंत राम ने कहा कि जब तक सरकार संत रविदास मंदिर को फिर से तुगलकाबाद के मूल स्थान पर नहीं बनवाती है तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि यह 21 अगस्त को पुलिस द्वारा पकड़े गए 96 युवाओं को भी गलत तरीके से जेल में रखा गया है।
उन्होंने मांग की है कि सरकार को इन युवाओं को भी जल्द छोड़ना चाहिए। उनका आरोप है कि पकड़े गए युवाओं में कई छात्र हैं। जेल में होने के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित हो गई है। इस बीच ऑल इंडिया आंबेडकर महासभा, भीम आर्मी, अखिल भारतीय रविदासिया धर्म संगठन, वाल्मीकि महासभा, राष्ट्रीय दलित महासभा और राष्ट्रीय दलित महिला आंदोलन समेत अन्य संगठन मौजूद रहे।