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ओएलएक्स पर सेना का अधिकारी बनकर ठगी करने वाला गिरफ्तार

Mon, 07 Oct 2019 06:42 AM IST
नोएडा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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शाहदरा जिले की साइबर सेल और फर्श बाजार थाना पुलिस ने ओएलएक्स पर सेना का अधिकारी बनकर ठगी करने वाले शातिर बदमाश को भरतपुर राजस्थान से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी बीते दो माह में ही 79 लाख रुपये की ठगी कर चुका है। पुलिस ने उसके 15 बैंक और 12 पेटीएम खाते ब्लॉक कर दिये हैं।
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शाहदरा जिला पुलिस उपायुक्त अमित कुमार ने बताया कि पिछले दिनों फर्श बाजार इलाके में शिखा तिवारी नामक अधिवक्ता से ठगी की गई थी। शिखा ने ओएलएक्स पर एक सेना के अधिकारी की बुलेट बाइक देखकर उसे खरीदने की इच्छा जताई। आरोपी ने अपना नाम दीपक कपूर बताकर 1.03 लाख में बुलेट बेचने की बात कही।

शिखा का भरोसा जीतने के लिए आरोपी ने सेना के आईकार्ड की कॉपी व्हाट्स ऐप पर भेज दी। इसके बाद पीड़िता से पेटीएम नंबर पर पूरी रकम अपने खाते में डलवा ली। बाद में आरोपी ने अपना मोबाइल बंद कर दिया। शिकायत पर पुलिस मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच कर रही थी। पेटीएम खाते की जांच में पुलिस को पता चला कि ठगी गई रकम को अलग-अलग कई खातों में बामनी गांव, भरतपुर राजस्थान में ट्रांसफर किया गया है।
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तुरंत एक टीम ने भरतपुर पहुंचकर छानबीन की। बामनी गांव से आरोपी को दबोच लिया। उसकी पहचान गांव बामनी, जुरहेड़ा, भरतपुर, राजस्थान निवासी अकरम (24) के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपी ने शिखा से ठगी की बात कबूल की। आरोपी ने बताया कि उसने बीते दो माह में 79 लाख रुपये ठगकर गांव में जमीन, कार और ट्रैक्टर खरीदा था।

ऐसे करता था ठगी

अकरम ने बताया कि उसने आसिफ नामक युवक से पहले से चालू पेटीएम वॉलेट व सेना के अधिकारी का फर्जी आईकार्ड खरीदा था। इसके बाद आरोपी ने ओएलएक्स पर कार, बाइक व मोबाइल की फोटो पोस्ट की। इनकी कीमत इतनी कम रखता था कि लोग उसे कॉल जरूर करते थे। बातचीत के दौरान खुद को सेना का अधिकारी बताता था। लोगों को झांसे में लेकर रकम खाते में मंगा लेता था और फिर मोबाइल बंद कर देता था।

गांव में सभी का ठगी का धंधा...

पुलिस पूछताछ में आरोपी अकरम ने बताया है कि उसके गांव व आसपास के गांव में सभी लोग इसी तरह ठगी का धंधा करते हैं। अकरम का दावा है कि करीब 200 लोग इस धंधे में शामिल हैं। 5 से 12 लोगों का एक ग्रुप सोमवार से शुक्रवार तक ठगी का धंधा करता है। शनिवार और रविवार को अलग टीम काम करती है। अकरम का कहना है कि एक शिफ्ट में करीब 50 लोग एक साथ अलग-अलग टीमों में ठगी के धंधे में लगे रहते हैं। पुलिस अकरम से पूछताछ कर बाकी आरोपियों की तलाश कर रही है।
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