500 वर्ग मीटर से अधिक दायरे में विकसित किए जाने वाले सभी आवासीय और वाणिज्यिक परियोजनाओं के लिए रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (रेरा) के साथ पंजीकरण जरूरी होगा। दिल्ली रेरा ने सार्वजनिक सूचना में स्पष्ट किया कि जिन परियोजनाओं में फ्लैट या अपार्टमेंट की संख्या(सभी चरणों में) आठ से अधिक ब्लॉक है, उनके लिए पंजीकरण अनिवार्य है। इस संबंध में खरीदारों सहित दूसरे पक्षों से मिली शिकायतों के आधार पर दिल्ली रेरा ने नोटिस जारी किया है।
नोटिस में आगे कहा गया है कि अगर प्लॉट का आवंटन रियल एस्टेट प्रोजेक्ट के तौर पर की जा रही हैसभी चरणों में 500 वर्ग मीटर से अधिक की भूमि पर भीरेरा के साथ पंजीकरण की जरूरत होगी। कुछ डेवलपर्स ने इस पर संदेह व्यक्त किया हैक्या उन्हें आरईआरए के साथ पंजीकरण करने की आवश्यकता है, अगर उनका भूखंड क्षेत्र500 वर्ग मीटर से अधिक लेकिन प्रस्तावित अपार्टमेंट की संख्यानौ से कम है। नोटिस में कहा गया है कि रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) अधिनियम की धारा 3 (2) (ए)2016 उन परियोजनाओं को पंजीकरण से छूट देता है अगर क्षेत्र 500 वर्ग मीटर से कम हो या अपार्टमेंट की संख्या या आठ से कम प्रस्तावित ब्लॉक हैं।