जांच में पता लगा कि बिल्डर की हत्या प्रोफेशनल बदमाशों ने की है। जांच के दौरान एएसआई मो. तालिम को सूचना मिली थी कि करीब तीन-चार महीने जेल से बाहर आए गैंगस्टर सुल्तान आजिम ने बिल्डर की हत्या की है। इंस्पेक्टर राजीव बमल की टीम ने सराय कालेखां के पास घेराबंदी कर 20 अगस्त को वेलकम निवासी सुल्तान आजिम को गिरफ्तार कर लिया। इससे पूछताछ के बाद इसके साथी अरमान को 21 अगस्त को जामिया नगर से गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद नाहिद अब्बासी को गिरफ्तार कर लिया। स्पेशल सेल ने ही मुख्य साजिशकर्ता आमिर को सरायकालेखां से 20 अगस्त को गिरफ्तार कर लिया।
सुल्तान आजिम ने बताया कि वह तीन महीने पहले जेल से बाहर आया था। वह नासिर गिरोह का शार्प शूटर है। बटला हाउस में रहने वाला आमिर और शाहीनबाग में रहने वाला आतिफ जमाल उसके दोस्त हैं। आमिर की बहन जोगाबाई में स्थित बिल्डर वासिफ की इमारत में तीसरी मंजिल पर किराए पर रहती थी। उसने तीसरी मंजिल पर कब्जा कर रखा था। बिल्डर ने उसे पूरी इमारत का रखरखाव का जिम्मा दे रखा था। वह इमारत में दूसरी मंजिल पर कब्जा करना चाहती थी। उसने अपने भाई आमिर के साथ बिल्डर की हत्या की साजिश रची और सुल्तान आजिम को हत्या करने के लिए कहा। इनको लगा की बिल्डर के आगे-पीछे कोई नहीं है। उसके बुजुर्ग माता-पिता है। एक बहन विदेश में रहती है। ऐसे में वह आसानी से कब्जा कर लेंगे।