आरोपियों के कब्जे से 5,02,430 रुपये और 14 पैकेट ताश की गड्डियां बरामद की हैं। गिरफ्तार 36 आरोपियों से 12 के खिलाफ पहले से आपराधिक मामले दर्ज हैं। बताया जा रहा है कि कुसुमपुर पहाड़ी में कुछ दिन पहले ही जुआ खेलना शुरू किया गया था।
दक्षिण-पश्चिमी जिला डीसीपी मनोज सी के अनुसार जिले के स्पेशल स्टाफ प्रभारी अशोक कुमार को शनिवार रात करीब डेढ़ बजे सूचना मिली थी कि कुसुमपुर पहाड़ी में जुआ खेला जा रहा है। कुसुमपुर पहाड़ी में घोषित बदमाश हरीश उर्फ कांति का मकान है और मकान की तीसरी मंजिल पर काफी लोग जुआ खेल रहे हैं।
सूचना के बाद एसआई अशोक कुमार की देखरेख में एसआई नरेंद्र सेहरावत, एसआई अनुज व एसआई मनीष की विशेष टीम गठित की गई। इस टीम ने कुसुमपुर पहाड़ी में मकान नंबर डी-164 में दबिश दी। यहां पर काफी संख्या में लोग जुआ खेल रहे थे। पुलिस टीम को देखकर हरीश, ललित व वाजिद तीसरी मंजिल से नीचे कूद गए। पुलिस ने तीनों को अस्पताल में भर्ती कराया। तीनों की दोनों ही टांगों में फैक्चर आए हैं। पुलिस ने मौके से 33 तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यहां पर मांग पती वाला जुआ खेला जा रहा था। यानि ताश की पत्ती में एक पत्ता मांगा जाता था। जिसका नंबर आ जाता था तो सारे पैसे उसके हो जाते थे और अगर पत्ता नहीं था वह हार जाता था। बताया जा रहा है कि हरीश उर्फ कांति की संरक्षण में यहां पर जुआ कुछ दिन पहले की खेलना शुरू किया गया था। पुलिस इलाके में तैनात पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच कर रही है।