फोटोजर्नलिस्ट दानिश के पिता अख्तर सिद्दकी बेटे को दूसरी बार पुलित्जर पुरस्कार मिलने से बेहद खुश हैं। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि उनके बेटे को उसके काम ने अमर कर दिया है। दुनिया उनका सम्मान कर रही है। उन्हें इस साल अप्रैल में बोस्टन विश्वविद्यालय द्वारा सम्मानित किया गया था। इससे पहले अन्य पुरस्कार भी दिए गए थे।
दुर्भाग्य से अब वह हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन काम जिंदा है। पिछले साल जुलाई में कंधार शहर के स्पिन बोल्डक जिले में अफगान सैनिकों और तालिबान के बीच झड़पों को कवर करने करने गए दानिश की हत्या कर दी गई थी। दानिश के पिता ने हत्या के मामले की जांच करने और तालिबानी कमांडरों और नेताओं सहित अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय में शिकायत की है।
दानिश ने अफगानिस्तान संघर्ष, हांगकांग विरोध और एशिया, मध्य पूर्व और यूरोप की अन्य प्रमुख घटनाओं को व्यापक रूप से कवर किया था। दानिश ने दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से अर्थशास्त्र में स्नातक किया, जामिया से 2007 में मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की। इसके बाद एक टीवी न्यूज के संवाददाता के रूप में अपना कॅरियर शुरू किया। बाद में उन्होंने फोटो पत्रकारिता शुरू की। 2010 में इंटर्न के रूप में उन्होंने रॉयटर्स के साथ काम शुरू किया।
पिता चाहते थे अदनान किराने की दुकान चलाए
अदनान आबिदी के पिता चाहते थे कि वह किराने की दुका चलाए, लेकिन अदनान को जब भी मौका मिलता, वह पब्लिक लाइब्रेरी से अपनी बहनों के लिए फोटोग्राफी की किताबें और फैशन मैगजीन इकट्ठा करते। शुरुआती शिक्षा उन्होंने मालवीय नगर के सरकारी स्कूल से की और इसके बाद दिल्ली विश्वविद्यालय से बी कॉम किया।