साइबर अपराधों के प्रति हमारी पुलिस कितनी असंवेदनशील होती है, यह मामला उसका जीता-जागता प्रमाण है। इस मामले में एक व्यक्ति ने फेसबुक पर एक महिला से खुद को कुंवारा बताकर दोस्ती की। बाद में जब महिला को यह सच्चाई पता चल गई कि वह व्यक्ति शादी-शुदा है तो उसने रिश्ता तोड़ लिया।
इसके बाद वह व्यक्ति उसे बदनाम करने लगा। फेसबुक पर महिला की फोटो डालकर वह उसे अपनी नई पत्नी बता रहा है। कोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच अधिकारी को उक्त पोस्ट को तुरंत हटवाने का आदेश दिया, लेकिन ऑर्डर के 6 महीने बाद भी अभी तक इस मामले पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है और आरोपी लगातार महिला को सोशल मीडिया पर बदनाम कर रहा है।
एडवोकेट कृष्णा कुमार शर्मा ने अमर उजाला को बताया कि महेश (बदला हुआ नाम) ने फेसबुक पर रूबीना (बदला हुआ नाम) से यह कहकर दोस्ती की कि वह कुंवारा है और उससे दोस्ती करना चाहता है। कुछ दिनों तक बातचीत चलने के बाद दोनों में दोस्ती हो गई, लेकिन जल्दी ही रुबीना को पता चला कि महेश शादीशुदा है और उसकी जिंदगी अच्छी तरह चल रही है। वह उसे झांसा देकर उसके साथ गलत व्यवहार करना चाहता है। यह पता चलते ही रुबीना ने महेश से दोस्ती तोड़ ली।
इधर महेश ने रूबीना को बदनाम करने और उसे ब्लैकमेल करने का दूसरा रास्ता निकाल लिया। उसने फोटोशॉप के सहारे रुबीना और अपनी फोटो मर्ज कर एक बना दिया और इसे अपनी फेसबुक वॉल पर लगा दिया।
अपने दोस्तों के पूछने पर वह रूबीना को अपनी नई पत्नी बता रहा है। रूबीना ने कई बार उसे ऐसा करनेे से रोकने की कोशिश की लेकिन वह सफल नहीं हो सकी। अंततः उसे कोर्ट की शरण लेनी पड़ी।
28 फरवरी 2020 को द्वारका कोर्ट में मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट अशोक कुमार मीणा ने मामले की सुनवाई की और जांच अधिकारी को आदेश दिया कि वह मामले की पूरी तहकीकात करे और जल्द से जल्द फेसबुक से यह फोटो हटवाएं।
लेकिन अदालत के आदेश के 6 महीने बीत जाने के बाद भी अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है। महेश लगातार सोशल मीडिया पर रूबीना के बारे में अभद्र टिप्पणियां कर रहा है। कोर्ट ने इस लापरवाही पर संज्ञान लेते हुए जांच अधिकारी को 8 सितंबर को कोर्ट में पेश होकर मामले की स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है।