नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने सम-विषम मामले पर दाखिल याचिका का निपटारा करते हुए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) को निर्देश दिया है कि वह स्वतंत्र रूप से राष्ट्रीय राजधानी में सम-विषम स्कीम के दौरान और बाद में प्रदूषण स्तर को मापे। इसके बाद संबंधित रिपोर्ट ट्रिब्यूनल के समक्ष पेश करे। जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली बेंच ने मंगलवार को याची महेंद्र पांडेय की ओर से दाखिल याचिका पर विचार के बाद निपटारा कर दिया।
याची का आरोप था कि जनवरी में संपन्न हुए सम विषम के जरिये प्रदूषण स्तर में कोई कमी नहीं आई थी। न ही सरकार ने इस संबंध में कोई ठोस आंकड़ा पेश किया था कि इस योजना से प्रदूषण स्तर में सुधार हुआ है। सुनवाई के दौरान दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण कमेटी (डीपीसीसी) ने कहा कि वह सम-विषम स्कीम शुरू होने से पहले ही राजधानी में प्रदूषण स्तर माप रही है।
इस संबंध में रोजाना डाटा तैयार किया जा रहा है। 30 अप्रैल तक प्रदूषण का डाटा रिकॉर्ड किया जाएगा। इसके बाद बेंच ने कहा कि सभी प्राधिकरण प्रदूषण स्तर मापने के बाद संबंधित डाटा ट्रिब्यूनल के समक्ष पेश करेंगे।