डग्गामार बसें हर माह हरियाणा रोडवेज को लाखों रुपये का नुकसान पहुंचा रही हैं। रोडवेज बस अड्डे के आसपास से ही इनका संचालन किया जा रहा है, लेकिन परिवहन विभाग मूकदर्शक बना हुआ है। इस संबंध में सोमवार को रोडवेज के कर्मचारियों ने क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण के सचिव से मुलाकात की और डग्गामार बसों का संचालन रोकने की मांग की।
हयिणा सड़क परिवहन निगम की ओर से डग्गामार वाहनों के खिलाफ अभियान चलाया गया था। लेकिन परिवहन विभाग के तमाम अफसर बैकफुट पर आ गए। डग्गामार बसों का संचालन यथावत किया जा रहा है।
जिससे रोडवेज बसों की आय प्रभावित हो रही है। बस अड्डे से महज चंद कदम की दूरी से आगरा, मथुरा, पलवल, सोहना, गुडग़ांव, दिल्ली, अलीगढ़ और बदरपुर आदि स्थानों के लिए बसों का संचालन हो रहा है। नियम के मुताबिक रोडवेज बस अड्डे के पास करीब एक किमी के दायरे में डग्गामार वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध है। लेकिन बस अड्डे पर खुलेआम प्रतिबंधित वाहनों का संचालन हो रहा है।
रोडवेज कर्मचारी महासंघ के डिपो प्रधान राज सिंह, रोडवेज वर्कर्स यूनियन के डिपो प्रधान जितेंद्र धनखड़, दीपक बल्हारा और राम आसरे ने बताया कि प्राईवेट बस संचालक रोडवेज विभाग की पूरानी बस हरियाणा गौरव और हरियाणा शक्ति का प्रयोग करते है।
इन बसों पर रोडवेज का नीला रंग किया हुआ है। जबकि बस अवैध है। यात्री भ्रमित होकर इन प्राईवेट बसों में यात्रा करते है। जिससे रोडवेज विभाग का राजस्व प्रभावित होता है। रोडवेज कर्मचारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि अवैध बसों पर प्रतिबंध नहीं लगाया तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।