ग्रेटर नोएडा। जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने सीएमओ को नोएडा के सेक्टर-125 स्थित कोविड अस्पताल से सामान गायब करने के मामले में दोषी डॉक्टर और अन्य पर विधिक कार्रवाई का आदेश दिया है। अस्पताल से लाखों रुपये के गायब सामान की जांच करीब एक सप्ताह पहले पूरी हो चुकी है। अस्पताल से गायब फ्रीज, बेड, एलसीडी, वाटर कूलर, गद्दे के बारे में कोई भी नोडल अधिकारी जवाब नहीं दे सका। अब उनकी जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई होगी।
एक निजी कंपनी ने नोएडा के सेक्टर-125 में 250 बेड का अस्थायी कोविड अस्पताल बनाया था, जो दिसंबर, 2020 में बंद हो गया था। अस्पताल बंद होने के बाद स्वास्थ्य विभाग अपना सामान ले गया था। कंपनी को अपना सामान ले जाना था, लेकिन उससे पहले ही लाखों रुपये का सामान गायब हो गया। चोरी पकड़ी जाने पर डीएम ने डिप्टी कलेक्टर गुंजा सिंह को जांच सौंप दी। एक सप्ताह पहले डिप्टी कलेक्टर ने जांच जिलाधिकारी को सौंप दी है।
रिपोर्ट में स्वास्थ्य विभाग के कई नोडल अधिकारियों की लापरवाही मिली है। किसी को सामान के बारे में जानकारी नहीं है। अस्पताल में सामान आने और वापस जाने का रिकॉर्ड तक नहीं बनाया गया। इस कारण गायब सामान का पता नहीं चल सका है। जांच रिपोर्ट में पता चला है कि अस्पताल से 40 से अधिक बेड, गद्दे, फ्रीज, वाटर कूलर, एलसीडी गायब है। इनका रिकॉर्ड नहीं मिला। जिम्मेदार लोग भी इसकी जानकारी नहीं दे सके है। जिम्मेदारों को ही इस मामले का दोषी बताया है। कहा गया है कि जब उनकी जिम्मेदारी थी तो फिर सामान गायब कैसे हो गया।
कोविड अस्पताल से गायब सामान की जांच पूरी हो चुकी है। अलग-अलग स्तर पर लापरवाही मिली है। सीएमओ को जांच आख्या के आधार पर जिम्मेदारों के खिलाफ विधिक कार्रवाई का आदेश दिया गया है।
- सुहास एलवाई, जिलाधिकारी