नोएडा। कमिश्नरेट की एसओजी टीम पर 25 लाख व क्रेटा लेकर छोड़ने के आरोप के बाद भी थानों में ‘टीम’ के नाम पर चलने वाले खेल में कमी नहीं आई है। अपराध पर लगाम लगाने का दावा करने वाली पुलिस अपने ही थानों की ‘टीम’ के दो गुटों में बंटने से परेशान है। जनपद के कई थानों की टीमों में गुटबाजी की चर्चा है। इससे कई कोतवाल व अधिकारी परेशान हैं। कई पुलिसकर्मी अंडर ट्रांसफर होने के बाद भी रिलीव नहीं किए गए हैं। वह फिर से वापसी की जुगत में हैं। ऐसे में बेलगाम वर्दीधारियों से खाकी बदनाम हो रही है और अधिकारी बेबस नजर आ रहे हैं। अपराध को रोकने के लिए सभी थानों में पुलिसकर्मियों की एक ‘टीम’ बनी है, जो कोतवाल के नेतृत्व में काम करती है। सादे कपड़ों में इन टीमों में तैनात पुलिसकर्मियों के पास सरकारी पिस्टल भी होती है। इन ‘टीमों’ पर उच्चाधिकारियों को भी भरोसा रहता है। ‘टीम’ में रहते ये पुलिसकर्मी बेलगाम हो जाते हैं और विभाग बदनाम होने लगता है।
हाल में ही एसओजी पर 25 लाख रुपये और क्रेटा लेकर बदमाशों को छोड़ने का आरोप लगा है। मामले में महकमे की जमकर किरकिरी हुई थी। पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह ने मामले में आरोपी इंस्पेक्टर शावेज खान और दो हेड कांस्टेबल को बर्खास्त कर दिया था। अब थानों में बनी टीम में तैनात पुलिसकर्मियों के बीच गुटबाजी की सूचना ने उच्चाधिकारियों की नींद उड़ा दी है। हालांकि, इस पर कोई अधिकारी टिप्पणी करने को तैयार नहीं हैं। बताया जाता है कि नोएडा समेत अन्य जोन की ‘टीम’ में जातीय गुटबंदी है। इस कारण पर कई थानों में काम प्रभावित होने के साथ ही अपराध भी नहीं रुक रहा है। वहीं, विभागीय गुप्त सूचनाएं भी सार्वजनिक हो रही हैं। कुछ थाना प्रभारी अपनी टीम के सदस्यों को हटाकर नई भर्ती करना चाह रहे हैं। इसमें उन्हें सफलता नहीं मिल रही है। वहीं, कई पुलिसकर्मी अंडर ट्रांसफर हैं, लेकिन अभी रिलीव नहीं हुए हैं। चर्चा है कि ऐसे पुलिसकर्मी आला अधिकारियों के माध्यम से फिर से वापसी की जुगत में हैं।
थानों में तैनात होमगार्डों पर होगी नजर
नोएडा जोन के डीसीपी राजेश एस ने बताया कि थाने में तैनात होमगार्डों पर अधिकारियों की नजर होगी। इसके लिए थानाध्यक्षों को बता दिया गया है। दरअसल, कोतवाली सेक्टर-58 में तैनात होमगार्ड आरिफ को चेकिंग के नाम पर 12 हजार रुपये लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद अन्य पुलिसकर्मियों पर भी नजर रखने का आदेश दिया गया है। इस मामले में पुलिस ने होमगार्ड के कमांडेंट को पत्र भेजकर जानकारी दे दी है। डीसीपी ने बताया कि होमगार्ड के अलावा पुलिसकर्मियों पर नजर रखी जा रही है। इसके लिए भी अधिकारियों को हिदायत दी गई है।
इस तरह के लगते रहे हैं आरोप
- सादे कपड़े में लोगों को भय दिखाना।
- जांच के नाम पर उगाही।
- लोगों के साथ मारपीट करना।
- पैसे लेकर बदमाशों को छोड़ना।
- विवादित मामलों में हस्तक्षेप करना।
- पैसों के लेनदेन में पार्टी बनना।