दनकौर। ग्रामीण क्षेत्र में डेंगू का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। दनकौर के हतेवा गांव निवासी शीला और नौवीं की छात्रा इकरा की बृहस्पतिवार को डेंगू से मौत हो गई। दोनों के परिजनों का कहना है कि मरीजों में प्लेटलेट्स काफी कम हो गई थीं। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने इसकी पुष्टि नहीं की है।
पति गुलाब ने बताया कि शीला को दस दिन से बुखार था। उसका जिम्स में इलाज चल रहा था। अस्पताल में उसे डेंगू की पुष्टि हुई थी। बृहस्पतिवार को शीला की मौत हो गई। वहीं, दनकौर कस्बा निवासी इकरा के पिता का कहना है कि उनके घरों के पास बनी नालियों में पानी भरा हुआ है। नगर पंचायत कर्मियों के सफाई नहीं करने से मच्छर पनप रहे हैं। गांव में एंटी लार्वा दवा का छिड़काव भी नहीं किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण गांवों में बुखार से लोग तड़प रहे हैं। इससे पहले नवादा गांव में भी 5 लोगों की डेंगू से मौत हो चुकी है।
ग्रामीण गिरीश शर्मा ने बताया कि गांव के सैकड़ों लोग डेंगू और बुखार से ग्रसित हैं। स्वास्थ्य विभाग व प्राधिकरण की ओर से गांव में बीमारी की रोकथाम के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है। ग्रामीण राम अवतार ने बताया कि गंदगी से गांवों में मच्छर पनप रहे हैं। इससे बीमारी पूरी तरह पांव पसार चुकी है। स्वास्थ्य विभाग को गांव में छिड़काव व चिकित्सा शिविर लगाने चाहिए।