बिसरख कोतवाली पुलिस की हिरासत में फर्जी प्रमाण पत्र बनाने के आरोपी।
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ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो वेस्ट में फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस, आधार और मार्कशीट बनाने पर बिसरख कोतवाली पुलिस ने साइबर कैफे संचालक समेत दो को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान दादरी निवासी शादाब आलम और दनकौर निवासी साहिल के रूप में हुई। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से फर्जी प्रमाणपत्र व पहचान पत्र, कंप्यूटर, प्रिंटर, फोटो स्टेट मशीन आदि सामान बरामद किया है। वहीं, प्रेसवार्ता के दौरान एक आरोपी के पक्ष से पहुंची महिला अधिवक्ता ने हंगामा फर्जी केस दर्ज कर नाबालिग को हिरासत में रखने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। पुलिस ने आरोपों को निराधार बताया है।
डीसीपी सेंट्रल जोन हरीश चंदर व एडीसीपी अंकुर अग्रवाल ने बताया कि बिसरख कोतवाली प्रभारी अनीता चौहान की टीम ने मुखबिर की सूचना पर चार मूर्ति गोलचक्कर के पास से आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस का कहना है कि आरोपी फर्जी आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, मार्कशीट आदि बनाकर बेचते हैं। कई लोगों को फर्जी प्रमाण पत्र बेच चुके हैं। इनके संबंध में और बरामद प्रमाणपत्र के नाम, पते वाले लोगों की पहचान का प्रयास किया जा रहा है। आरोपियों के पास से चार सीपीयू, चार मॉनिटर, तीन प्रिंटर, एक स्पाइरल बाइंडिंग मशीन, दो लेमिनेशन मशीन, तीन कीबोर्ड, 54 बने हुए आधार कार्ड, 39 वाहनों की ब्लैंक आरसी, 50 ब्लैंक आधार कार्ड, 51 बने ड्राइविंग लाइसेंस, 14 हाईस्कूल और 12 इंटरमीडिएट की मार्कशीट के साथ दो आईटीआई की मार्कशीट बरामद की गई हैं।
‘साहिल को साइबर कैफे में आने के दौरान पकड़ा’
प्रेसवार्ता के दौरान बिसरख कोतवाली पहुंची अधिवक्ता आरती गुप्ता का कहना है कि शादाब ऐच्छर में साइबर कैफे चलाता है। उसने कोई फर्जीवाड़ा नहीं किया। जो प्रमाणपत्र कैफे से बरामद हुए हैं, वह संशोधन के लिए आए थे। पुलिस जब कैफे पर पहुंची, उसी दौरान साहिल भी एक प्रमाणपत्र में संशोधन कराने आया था। अधिवक्ता का कहना था कि पुलिस ने एक नाबालिग को भी हिरासत में रखा है। हालांकि, पुलिस ने महिला अधिवक्ता को समझाकर और कोर्ट में अपनी बात रखने का हवाला देकर वापस भेज दिया।