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साइबर अपराध पर रोकने के लिए बनेंगी तीन हेल्प डेस्क

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नोएडा (सुशांत समदर्शी)। अगर आपके साथ साइबर अपराध होता है तो तुरंत 155260 पर कॉल करें। इससे आपको मदद मिलेगी। साइबर अपराध से निपटने के लिए जिला पुलिस के तीनों जोन में हेल्प डेस्क बनेंगी। इन पर संबंधित जोन के साइबर अपराध को लेकर सुनवाई व कार्रवाई होगी। नवरात्र के बाद ये हेल्प डेस्क काम करना शुरू कर देंगी। साथ ही, हर बुधवार को साइबर सतर्कता दिवस मनाया जाएगा।
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प्रदेश में साइबर अपराध की घटनाएं सबसे अधिक जिले में होती हैं। इस कारण पुलिस ने इस दिशा में कार्रवाई शुरू की है। सबसे बड़ी समस्या यह है कि अगर किसी के साथ घटना होती है तो वह थाने व चौकियों के चक्कर काटता रहता है। साइबर सेल तक मामला पहुंचता है तो कुछ में कार्रवाई होती है। इससे पीड़ित को कोई लाभ नहीं मिलता। पिछले दिनों शासन की तरफ से 155260 हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया। इस नंबर को अगर आप मिलाएंगे तो एक फॉर्म आपके पास आएगा। इसमें आपको साइबर अपराध से संबंधित डिटेल भरनी होगी। इसे जमा करते ही आपके मामले में कार्रवाई शुरू हो जाएगी। अगर आपने जालसाजी होने के 48 घंटे के भीतर इस नंबर पर फोन कर फार्म भर दिया तो बहुत संभव है कि आपके पैसे आपको मिल जाएं।
ट्रांजक्शन आईडी और यूआरएल को रखें सेव
साइबर एक्सपर्ट के मुताबिक अगर आपके साथ कोई भी ठगी होती है तो उसके ट्रांजक्शन आईडी और यूनिफॉर्म रिसोर्स लोकेटर (यूआरएल) को सुरक्षित रख लें। इससे पुलिस की जांच के दौरान काफी मदद मिलेगी। पुलिस ने अब तक दर्जनों लोगों के दो करोड़ रुपये ज्यादा खाते में वापस दिलवाए हैं। पुलिस साइबर अपराध को लेकर लगातार कार्रवाई कर रही है। इसके लिए कमिश्नरेट में एक डेडिकेटेड टीम काम कर रही है। इसमें एडीसीपी से लेकर एसीपी, इंस्पेक्टर, सब इंस्पेक्टर, कांस्टेबल शामिल हैं। साइबर अपराध के मामले में जिला प्रदेश में सबसे आगे है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़े के मुताबिक, वर्ष 2020 में 1585 मामले दर्ज किए गए, जबकि लखनऊ में इस दौरान 1465, प्रयागराज में 1102, गाजियाबाद में 896 मामले दर्ज किए गए। वर्ष 2019 में जिले में 2474 साइबर मामले सामने आए थे।
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साइबर अपराध से निपटने के लिए पुलिस लगातार काम कर रही है। इसके लिए हेल्प डेस्क बनेंगी। ठगी होने पर 155260 पर जरूर कॉल करें। पुलिसकर्मियों को भी प्रशिक्षित कराया जा रहा है। - आलोक सिंह, पुलिस कमिश्नर
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