तावडू। स्टे होने के बावजूद राजस्व विभाग की ओर से गांव खोरी कलां पंचायत की 60 कनाल 17 मरला बेशकीमती जमीन पर 7-8 भूमाफियाओं के नाम कर दी गई है। इस मामले में सीएम विंडो में शिकायत देकर तत्कालीन तहसीलदार मनमोहन, गिरदावर व हल्का पटवारी सहित ग्राम पंचायत सरपंच के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
गांव खोरी खुर्द निवासी शिकायतकर्ता अख्तर अली ने सीएम विंडो में दी शिकायत में बताया कि तावडू-रेवाड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग पर भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र के साथ खोरी कलां पंचायत की करीब 60 कनाल 17 मरला बेशकीमती जमीन है। जमीन का मामला 2012 से चंडीगढ़ एफसीआर की कोर्ट में चल रहा है तथा जमीन पर एफसीआर की ओर से स्टे भी जारी किया गया है। इसकी आगामी तारीख 31 मार्च लगी है। इसके बावजूद 31 जुलाई 2020 को हल्का पटवारी सुनील कुमार , गिरदावर ओमप्रकाश और तत्कालीन तहसीलदार मनमोहन ने सरपंच जगदीश के साथ मिलीभगत कर जमीन का गलत तरीके से नियमों को ताक पर रख 7-8 भूमाफियाओं के नाम कर दी है। शिकायतकर्ता का कहना है कि यह जमीन राष्ट्रीय राजमार्ग 919 पर भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र राजस्थान सीमा के साथ लगती है। इस जमीन की कीमत लगभग 35 करोड़ रुपये है। इस पर भू-माफियाओं की नजर लगी हुई है।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
उपमंडल अधिकारी तावडू सुरेंद्र पाल का कहना है कि खोरी कलां ग्राम पंचायत की जमीन का मामला एफसीआर कोर्ट में विचाराधीन होने के बावजूद भूमाफियाओं के नाम करने का मामला उनके संज्ञान में आया है। मामले की निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।