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हनीट्रैप में फंसाकर कारोबारी की हत्या करने वाले गिरोह का पर्दाफाश

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नोएडा। चार माह पहले सेक्टर-117 स्थित ओयो होटल में कारोबारी उमेश शर्मा का शव बरामद हुआ था। इस मामले में सेक्टर-113 पुलिस ने रविवार को दो युवतियों व गिरोह के सरगना को गिरफ्तार किया है। कारोबारी को हनीट्रैप में फंसाया गया था। इसके बाद नशे की गोलियों की ओवरडोज की वजह से उसकी मौत हो गई थी और आरोपी उसकी कार लेकर फरार हो गए थे।
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एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि सोशल साइट, डेटिंग साइट टिंडर ऐप और अन्य के जरिये हनी ट्रैप में लोगों को फंसाकर नशा कराने के बाद आरोपी नकदी, जेवरात व कीमती सामान लूटकर फरार हो जाते थे। पुलिस ने रविवार को एक सूचना के आधार पर एफएनजी रोड पर सोरखा गांव के पास से राहुल विहार, विजय नगर गाजियाबाद निवासी संदीप उर्फ सन्नी (19), मंडोर रोड़ जोधपुर निवासी सारा उर्फ शाहना (26) और जयसिंहपुरा जयपुर निवासी सना (19) को गिरफ्तार कर लिया। गिरोह का सरगना संदीप है। आरोपियों के कब्जे से लूटी गई कार और नशे की 54 गोलियां बरामद हुई हैं। सेक्टर-82 के कारोबारी उमेश का शव जनवरी में होटल में मिला था। आरोपियों ने सोशल साइट और टिंडर ऐप के जरिये कारोबारी से संपर्क कर उसे होटल में बुलाया था। नशे की गोलियों की ओवरडोज के कारण उसकी मौत हो गई थी। पकड़े गए आरोपियों के पास से कारोबारी की कार, आधार कार्ड, वीजा बरामद हुआ है।
एनसीआर में 25 से अधिक लोगों को फंसाया
पुलिस के मुताबिक, गिरोह पूरे एनसीआर में सक्रिय था। डेढ़ साल पहले गुरुग्राम में आरोपी शाहना हनीट्रैप के मामले में पकड़ी गई थी। नोएडा के फेज-दो इलाके में भी कुछ समय पहले एक व्यक्ति को फंसाकर गिरोह ने किया सेल्टोस कार लूट ली थी। एनसीआर क्षेत्र में 25 से ज्यादा वारदात को यह गिरोह अंजाम दे चुका है।
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सोशल साइट पर आकर्षक तस्वीरें लगाते थे
पुलिस के अनुसार, गिरोह ऑनलाइन साइट और ऐप पर प्रोफाइल देखकर शिकार को छांटते थे। इसके बाद सोशल साइट पर आकर्षक तस्वीरें लगाकर ग्राहकों को फंसाते थे। ऐप के माध्यम से ही संपर्क कर व्हाट्सएप के माध्यम से मैसेज व कॉल कर प्रेम का झांसा देकर मर्जी की जगह बुलाते थे। इसके बाद शराब में नशे की गोलियां मिलाकर पिला देते थे। बेहोश व्यक्ति का सामान, नकदी, जेवर और गाड़ी आदि लूटकर आरोपी फरार हो जाते थे।
रहें सावधान, कई और गिरोह सक्रिय
एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि ऐसे कई गिरोह एनसीआर में सक्रिय हैं जो आकर्षक तस्वीरें सोशल साइट पर अपलोड कर लोगों को झांसे में लेते हैं, इसलिए ऐसी किसी भी कॉल को तवज्जो न दें। मोबाइल पर किसी भी लिंक को बिना जांचे उससे न जुड़ें। इस मामले में ओयो होटल संचालकों को भी चेतावनी दी जाती है कि बिना सत्यापन किए किसी भी व्यक्ति को कमरा किराए पर न दें।
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